10000mAh बैटरी वाले Smartphone पर काम कर रही चीनी कंपनियां; Apple, Samsung और Google को मिलेगी बड़ी चुनौती
स्मार्टफोन मार्केट काफी बड़ा है और मार्केट अपनी स्थिति को बेहतर करने के लिए स्मार्टफोन कंपनियां लगातार काम करती रहती है। कभी वे कोई नए प्रकार के डिस्प्ले का इजात करते हैं तो कभी-कभी नए प्रोसेसर और लुक पर काम करते हैं। हालांकि अब स्मार्टफोन इंडस्ट्री में केवल कैमरा, प्रोसेसर या डिस्प्ले को अपग्रेड करने की रेस नहीं लगी है, बल्कि कंपनियां लगातार नए डिजाइन, लुक और टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है।
इसी सिलसिले में चीनी कंपनियों ने बैटरी को लेकर नए इनोवेशन करने शुरू किए है। जहां Google, Samsung और Apple जैसी कंपनियां अभी भी 4,000 से 5,000mAh बैटरी ऑप्शन पर पर टिकी हुई हैं, वहीं Realme, Honor, Vivo और Xiaomi जैसे चीनी ब्रांड्स 10,000mAh तक की बैटरी वाले फोन को मार्केट में लाने की तैयारी कर रहे हैं।

Realme ने किया शुरुआत
इस बड़ी बैटरी की रेस की शुरुआत Realme ने की थी, जिसने पहले ही 10,000mAh बैटरी वाला फोन की अनाउंसमेंट कर दी है। हालांकि फोन अभी तक मार्केट में लॉन्च नहीं किया गया है, लेकिन 2025 में बाजार में ऐसे फोन धड़ल्ले से जगह बनाते नजर आएंगे।
इसके अलावा Honor, Oppo, Vivo और Xiaomi भी इस रेस में शामिल हो चुके हैं और आने वाले महीनों में ये कंपनियां भी बड़े बैटरी वाले स्मार्टफोन लॉन्च कर सकती हैं।
बजट फोन पर पावरफुल बैटरी
सबसे खास बात ये है कि ये अपग्रेड केवल प्रीमियम फोन में ही नहीं, बल्कि बजट फोन में भी देखने को मिलेगा। इसका सबसे नया और लेटेस्ट उदाहरण Honor X70 है, जिसमें 8,300mAh की बैटरी दी गई है।
इसके अलावा Poco F7 5G में 7,550mAh की बैटरी मिलती है, जिसे अब तक का सबसे पावरफुल गेमिंग फोन माना जा रहा है। वहीं Vivo, OnePlus, iQOO जैसे ब्रांड्स भी अब अपने डिवाइस में 6,000 से 7,000mAh बैटरी की सुविधा दे रहे हैं।
स्लिम फोन के साथ बड़ी बैटरी
टेक्नोलॉजी के अपग्रेड के साथ -साथ कंपनियां फोन्स के लुक और फील पर भी काफी तेजी से काम कर रही है। कंपनी फोन को पतला बना रही है, ताकि इनको आसानी से कैरी किया जा सके।
अब सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी बैटरी होने के बावजूद ये फोन भारी क्यों नहीं हैं? इसका जवाब Silicon-Carbon बैटरी टेक्नोलॉजी है। परंपरागत लिथियम-आयन बैटरियों की तुलना में ये बैटरियां हल्की होती हैं और ज्यादा एनर्जी स्टोर कर सकती हैं। इसके चलते फोन का डिजाइन पतला बना रहता है और बैटरी बैकअप शानदार मिलता है।
Honor ने हाल ही में एक ऐसा स्मार्टफोन लॉन्च किया है जिसकी मोटाई सिर्फ 7.76mm है, लेकिन इसमें 8,000mAh से ज्यादा बैटरी दी गई है। इसका मतलब है कि बड़ी बैटरी का मतलब अब मोटा और भारी फोन नहीं रहा।
Apple और Samsung की बढ़ सकती है परेशानी
दूसरी ओर, Apple, Samsung और Google अब भी पारंपरिक Li-ion बैटरी का इस्तेमाल कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, Samsung Galaxy S25 में सिर्फ 4,000mAh की बैटरी दी गई है और इसकी कीमत करीब ₹75,000 है। वहीं, चीन के ब्रांड ₹10,000 के बजट में भी 6,000mAh तक की बैटरी दे रहे हैं।
क्यों जरूरी है बड़ी बैटरी?
आज के समय में स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और मैसेज तक सीमित नहीं हैं। गेमिंग, वीडियो एडिटिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन क्लासेज और लगातार नेट ब्राउजिंग से फोन की बैटरी तेजी से खत्म होती है। ऐसे में बड़ी बैटरी का होना अब एक जरूरत बन चुकी है, न कि सिर्फ एक फीचर तक सीमित है।
2025 में बैटरी वॉर होगा असली गेमचेंजर
जैसे-जैसे 2025 करीब आ रहा है, बैटरी को लेकर कंपनियों की रणनीति और साफ होती जा रही है। Digital Chat Station नामक चीनी टिपस्टर के अनुसार, कई प्रमुख चीनी कंपनियां अगले साल मिड-बजट सेगमेंट में 10,000mAh बैटरी वाले फोन लॉन्च करेंगी। यह भारत जैसे बाजारों के लिए एक बहुत बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, जहां यूजर्स लंबे बैकअप और सस्ते फोन की तलाश में रहते हैं।
बैटरी अब केवल एक स्पेसिफिकेशन नहीं रही, यह अब एक स्मार्टफोन की core utility बन चुकी है। जिस तरह से चीनी कंपनियां Silicon-Carbon तकनीक से लैस होकर 10,000mAh बैटरी को भी पतले और स्टाइलिश फोन में फिट कर रही हैं, वह आने वाले समय में स्मार्टफोन मार्केट की तस्वीर बदल सकता है। अगर Samsung, Apple और Google ने इस दिशा में ध्यान नहीं दिया, तो उन्हें बैटरी गेम में पीछे छोड़ा जा सकता है।


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