अब iPhone में मिलेगी RCS मैसेजिंग की सुविधा, Jio-Apple पार्टनरशिप से बदलेगी तस्वीर
भारत में स्मार्टफोन यूजर्स के लिए मैसेजिंग अनुभव जल्द ही बदलने वाला है। जियो और Apple ने मिलकर iPhone पर RCS (Rich Communication Services) मैसेजिंग को शुरू करने का ऐलान किया है। अब iPhone यूजर्स सिर्फ iMessage तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें मैसेजिंग में हाई-रिजॉल्यूशन मीडिया शेयरिंग, ग्रुप चैट, रीड रिसीट और फाइल ट्रांसफर जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
इस अपडेट के चलते लंबे समय से चल रही Blue vs Green Bubble की विराम लगा दिया है। यहां हम जानेंगे कि इससे क्या फायदा होगा।

iMessage से बाहर आया RCS
कई सालों तक Apple ने RCS को केवल iMessage तक सीमित रखा था। इसका मतलब यह था कि iPhone यूजर्स एक-दूसरे के साथ बात करने के लिए नीले (Blue Bubble) मैसेज का इस्तेमाल करते थे, जबकि Android यूजर्स से बातचीत हरे रंग (Green Bubble) में दिखाई देती थी। यह 'Blue vs Green Bubble' डिवाइड लंबे समय से चर्चा में रहा।
लेकिन 2024 में iOS 18 के साथ Apple ने RCS सपोर्ट को सभी iPhones पर उपलब्ध कर दिया। इस कदम के पीछे नियमों के दबाव और यूजर एक्सपीरियंस बेहतर करने की स्ट्रेटजी मानी जा रही है।
जियो और Apple की डील क्यों अहम?
जियो के साथ हुई इस साझेदारी से iPhone यूज़र्स अब मोबाइल डेटा और वाई-फाई, दोनों पर RCS मैसेज भेज सकेंगे। सामान्य यूज़र्स के लिए यह बदलाव बहुत बड़ा अनुभव नहीं होगा, क्योंकि उनके लिए चैट का तरीका लगभग वैसा ही रहेगा।
लेकिन बिजनेस कम्युनिकेशन के स्तर पर यह डील गेम-चेंजर साबित हो सकती है। अब कंपनियां अपने ग्राहकों को मैसेज के साथ तस्वीरें, वीडियो, PDF और दूसरी फाइलें भेज सकेंगी। इससे बैंकिंग अलर्ट, ई-कॉमर्स अपडेट, टिकट कन्फर्मेशन या किसी ऑफर की जानकारी कहीं ज्यादा विज़ुअल और इंटरएक्टिव हो जाएगी।
एयरटेल क्यों है पीछे?
दिलचस्प बात यह है कि एयरटेल ने अभी तक Apple और Google के साथ मिलकर RCS को सक्षम नहीं किया है। एयरटेल का मानना है कि यह फीचर स्पैम मैसेज को बढ़ा सकता है। इसलिए कंपनी चाहती है कि RCS मैसेज पर कड़े एंटी-स्पैम रेग्युलेशन लागू किए जाएं।
Apple का Awe dropping इवेंट
इसी बीच, Apple ने यह भी घोषणा की है कि वह 9 सितंबर 2025 को एक बड़ा इवेंट आयोजित करेगा। यह इवेंट कंपनी के कैलिफोर्निया स्थित Steve Jobs Theater में होगा और भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे शुरू होगा।
मीडिया इनवाइट में इस्तेमाल किया गया स्लोगन "Awe dropping" पहले से ही चर्चा में है। उम्मीद की जा रही है कि इस इवेंट में Apple iPhone 17 सीरीज़ के साथ नए Apple Watch मॉडल, अपग्रेडेड iPad Pro और Vision Pro हेडसेट का नया वर्ज़न भी पेश कर सकता है।
भारत में बढ़ रही Apple की पकड़
गौर करने वाली बात यह है कि Apple ने हाल ही में भारत में अपनी बिक्री में डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी यहां नए स्टोर खोलने की योजना पर भी काम कर रही है। ऐसे में जियो-एप्पल की यह पार्टनरशिप भारतीय यूज़र्स के लिए तकनीकी अनुभव को और आगे बढ़ा सकती है।


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