भविष्य में आईफोन में होगी ये सारी तकनीकें
आपको जानकर हैरानी होगी कि आने वाले समय में आपको ऐसी तकनीकियां मिलेगी, जो आपकी जिदंगी को बदल देगी।
जैसे-जैसे वक्त बीतता जा रहा है, टेक्नोलॉजी एडवांस होती जा रही है। 2016 में, देखते ही देखते तकनीकी काफी बदल गई। लाइव वीडियो का चलन शुरू हो गया, लोग ब्लॉगिंग से अपनी बात को धड़ल्ले से कहने लगे। सोशल मीडिया, आम अादमी की आवाज बन गया। ऐसे में कभी ख्याल आये कि भविष्य में ये तकनीकी कहां तक जाएगी तो समझ से परे बात लगती है, सोचना ही संभव नहीं हो पाता है।

वैसे अगर स्मार्टफोन की बात की जाएं, तो आईफोन ने काफी उन्नति की है और हर टेक इरा में खुद को लोगों की जरूरत के हिसाब से बैलेंस रखा है। 2017 में इसके फीचर्स और ज्यादा बदलाव आएंगे। इस तरह, धीरे-धीरे आने वाले समय में आईफोन बिलकुल ही बदल जाएगा और उसमें कुछ ऐसी तकनीकें होगी।
लिथियम एयर बैट्री
आने वाले सालों में, बैट्री की क्षमता में बढ़ोत्तरी होगी और इसमें लिथियम-ऑक्सीजन सेल्स के रूप में बनने वाली लिथियम एयर बैट्री आने लगेगी। इन बैट्री की क्षमता बहुत अधिक होगी। ये वर्तमान समय की बैट्री से पांच गुना अधिक मजबूत और टिकाऊ होगी।
मोशन चार्जिंग
संभव है कि आने वाले समय में आईफोन में मोशन चार्जिंग का कॉन्सेप्ट आ जाएगा। इसमें गतिज ऊर्जा का इस्तेमाल होगा और यह बैट्री को एक जगह बैठकर चार्ज करने के लिए मजबूर नहीं करेगी। आपको बता दें कि इसी तरह की तकनीकी का इस्तेमाल फिलहाल, पहनी जा सकने वाली डिवाइसों में किया ही जाता है।
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सेल्फ हीलिंग बैट्री टेक
बैट्री की तकनीकी में कई सारे ब्रेकथ्रु होते हैं जिनमें से कई इनवॉयरमेंट-फ्रैंडली होते हैं। बैट्री की मेंडिंग में सबसे अजीब अवधारणा, उसका ब्रेक करना होता है। रिसर्च के अनुसार, भविष्य में सेल्फ हीलिंग बैट्री का कॉन्सेप्ट आ सकता है।
कर्व डिजाइन
उम्मीद है कि आने वाले समय में कर्व डिजाइन और वर्चुअल बटन, आईफोन में हो सकती हैं। अब देखना ये है कि कर्व डिजाइन को लाने का आईडिया, एप्पल कब तक अपनाता है।
मुड़ जाने वाला
संभव है कि आने वाले समय में बैंड यानि मुड़ सकने वाला आईफोन यूजर्स की जेब में हो। यह फोन जेब में पड़ा होने पर बैठ जाने पर टूटेगा नहीं और आप इसे मोड़ भी सकेंगे।
ग्रेफेने
हम पहले भी देख चुके है कि फर्स्ट जेनरेशन एप्पल वॉच में सफायर ग्लास और एप्पल वॉच सीरिज 2 थी। ग्रेफाइट एक मैटेरियल होता है, जो पेसिंल बनाने के काम में आता है। इसे कार्बन की कई शीट्स को एक साथ मिलाकर बनाया जाता है। ग्रेफेन, ग्रेफाइट की एक-एक लेयर्स को कहा जाता है। यह टू-डाईमेंशनल सब्सटेंस होता है जो कि दुनिया का अब तक जानकारी में आया सबसे पतला पदार्थ है। हो सकता है कि आने वाले समय में इसका इस्तेमाल आईफोन में सिलिकॉन की जगह किया जाने लगे।
किनारीरहित डिस्प्ले
संभवत: आने वाले समय में आईफोन में एजलेस डिस्प्ले आएंगे। इसमें किनारी नहीं होगी और स्क्रीन का साइज पहले की अपेक्षा बड़ा दिखेगा। यह दिखने में कांच की एक शीट की तरह होगा।
3डी डिस्प्ले
आने वाले समय में आईफोन, 3डी डिस्प्ले सहित आ सकता है। इस स्क्रीन को बिना स्पेशल ग्लास के ही देखा जा सकेगी और 3डी इम्पेक्ट को ठीक वैसे ही महसूस किया जा सकेगा, जैसा कि अभी आप 3डी शो में करते हैं।
बीज़ल फ्री डिजाइन
इस साल से पहले, एप्पल ने बीज़ल फ्री डिजाइन को लेकर एक पेटेंट फाइल किया था। इसलिए संभावना है कि आने वाले समय में एप्पल के फोन में आपको बीज़ल फ्री डिजाइन देखने को मिले।
लाइट - स्प्लीटर
इस सिस्टम में एक क्यूब होता है जो लाइट को तीन प्राइमरी कलर्स, रेड, ग्रीन और ब्लू में डिवाइड कर देता है। क्यूब, तीन इमेज सेंसर्स को प्रदान करेगा, जबकि वह किसी एक ही कलर को लेगा। आने वाले समय में यह तकनीकी, आईफोन का हिस्सा बन सकती है। इसे कैमरे में इस्तेमाल किया जा सकता है कि तस्वीरों में ज्यादा यर्थाथता आएं। सुपर क्वालिटी की तस्वीरों को लेने में इसे इस्तेमाल करना फायदेमंद साबित होगा।


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