सरकार ने की बड़ी कार्रवाई; देश में 87 गैरकानूनी लोन ऐप्स पर लगा बैन, डिजिटल ठगी पर लगेगी लगाम
भारत सरकार ने देश में चल रहे अवैध डिजिटल लोन ऐप्स के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने लगभग 87 गैरकानूनी लोन एप्लीकेशंस को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया है, जो बिना किसी अनुमति के देश में संचालन कर रहे थे।
यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69A के तहत की गई है, जिसकी जानकारी लोकसभा में केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों के राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने दी।

क्यों हुई कार्रवाई?
पिछले कुछ समय से ऑनलाइन लोन एप्स के जरिए कई लोग ठगी का शिकार हो रहे थे। शिकायतों में सामने आया कि ये प्लेटफ़ॉर्म अत्यधिक ब्याज वसूलते थे, फर्जी दस्तावेज़ों से लोगों को लोन देते थे और बाद में वापसी के नाम पर उत्पीड़न करते थे।
देशभर की पुलिस के पास डेटा चोरी, मानसिक उत्पीड़न, धमकी, और जबरन वसूली जैसी शिकायतों की बाढ़ आने के बाद सरकार को कड़ा कदम उठाना पड़ा।
सरकार का कहना है कि ये अवैध लोन ऐप्स आम लोगों को तत्काल छोटे लोन का लालच देकर जाल में फंसाते हैं और बाद में भारी ब्याज के जरिए उन्हें कर्ज़ के चक्र में धकेल देते हैं। कई मामलों में, उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी जैसे संपर्क नंबर, फोटो, और पहचान पत्र डेटा चुराकर ब्लैकमेल करने की शिकायतें भी सामने आईं।
दो कानूनों का संयोजन
इस कार्रवाई में सरकार ने IT Act और Companies Act दोनों की शक्ति का इस्तेमाल किया है। मंत्री ने कहा कि जब भी कंपनियों अधिनियम, 2013 के तहत कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
यानी यह सिर्फ तकनीकी कार्रवाई नहीं, बल्कि एक विधिक कदम भी है, जो इन ऐप चलाने वाली कंपनियों के पंजीकरण और संचालन की भी जांच करेगा।
लोगों को मिलेगा सुरक्षा कवच
सरकार का मुख्य उद्देश्य डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अब बैन के बाद नए यूज़र इन ऐप्स को डाउनलोड नहीं कर पाएंगे और उनका विस्तार रुक जाएगा।
लाखों भारतीय, खासकर युवा, छात्र, गृहिणियां और छोटे व्यापार में लगे लोग अक्सर तत्काल लोन के चक्कर में इन ऐप्स के जाल में फंस जाते थे।
सरकार के इस निर्णय के बाद उनसे जुड़े ऑनलाइन घोटाले, मानसिक उत्पीड़न और वित्तीय नुकसान में कमी आने की संभावना है।
क्या करें यूजर्स?
- किसी भी ऐप से लोन लेने से पहले उसकी RBI लिस्टिंग जांचें।
- केवल उन्हीं ऐप्स को अनुमति दें जो वेरिफाइड NBFC या बैंक से जुड़े हों।
- ऐप को अनावश्यक फोटो, कॉन्टैक्ट और माइक्रोफ़ोन परमिशन न दें।
- संदेहास्पद गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल में शिकायत करें।
आगे का रास्ता
सरकार ने संकेत दिया है कि यह कार्रवाई पहला चरण है और आगे भी कई अवैध डिजिटल वित्तीय प्लेटफॉर्म्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जाएगा।
भारत में UPI और डिजिटल फाइनेंस के तेज़ी से बढ़ते बाजार को देखते हुए, सरकार चाहती है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बने।
कुल मिलाकर, 87 लोन ऐप्स पर लगा यह बैन एक महत्वपूर्ण और समय पर लिया गया सरकारी कदम है, जो आम नागरिकों के हितों की रक्षा करने की दिशा में मजबूत पहल साबित होगा।


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