मोबाइल फोन से होती हैं ये समस्याएं, कुछ का है बेहद बुरा असर

Written By:

    स्मार्टफोन/मोबाइल फोन का इस्तेमाल आज हर कोई करता है। घर में जितने लोग उतने फोन भी होते हैं, और कई घरों में तो इंसान से ज्यादा फोन होते हैं। फोन का इस्तेमाल हम करते हैं ताकि अपने खास लोगों से जुड़े रहे हैं। आज के स्मार्टफोन तो एक पॉकेट कंप्यूटर की तरह हो गए हैं जो मिनटों में आपके कई काम निपटा सकता है।

    प्रीमियम स्‍मार्टफोन चाहिए तो ले आइए OPPO F3 Plus

    मोबाइल फोन से होती हैं ये समस्याएं, कुछ का है बेहद बुरा असर

    एक ओर जहां फोन हमारे कई काम आता है, वहीं यही फोन हमारे लिए कई बिमारियों को भी न्योता देता है। अपने बड़ों से आपने कई बार सुना होगा कि हर वक़्त फोन पर लगे रहना ठीक नहीं! लेकिन क्या फर्क पड़ता है। तो हम आपको बता दें कि बहुत फर्क पड़ता है। यदि समय रहते अपनी आदतें न बदलें तो गले पड़ सकती है मुसीबत।

    आपके सिम कार्ड में है सोना, देखिए कैसे निकाल सकते हैं आप

    आज हम इस आर्टिकल में आपको बता रहे हैं कि एक मोबाइल फोन कैसे आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है।

    लेटेस्ट टेक अपडेट पाने के लिए लाइक करें हिन्‍दी गिज़बोट फेसबुक पेज

    नोमोफोबिया

    मोबाइल फोन खो जाने की या फिर सिग्नल नहीं होने के डर को नोमोफोबिया कहते हैं। स्मार्टफोन खोने का अनुभव सभी को होता है, कभी कुछ कम समय के लिए ही सही। बिना फोन के आज हर यूज़र अधुरा और घबराया हुआ महसूस करता है।

    इनसोमनिया

    मोबाइल की रेडिएशन से इंसान को इनसोमनिया, सर दर्द और कंफ्यूज होने की परेशानियां हो सकती हैं।

    ख़राब नींद

    स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले सभी यूज़र्स इस बात से इनकार नहीं कर सकते हैं कि स्मार्टफोन उनकी नींद पर बुरा असर डालता है। सुबह उठने के बाद और रात में सोने से पहले स्मार्टफोन/मोबाइल फ़ोन ही है जिसे हम सबसे पहले चेक हैं। स्मार्टफोन के कारण नींद टूटती भी है और देर से सोने का कारण भी इन दिनों स्मार्टफोन ही है।

    बैक्टीरिया का सोर्स

    एक रिसर्च में सामने आया है कि स्मार्टफोन में टॉयलेट सीट से लगभग 10 गुना अधिक बैक्टीरिया होते हैं। जरा सोचिए आप खाते हुए फोन कितनी बार छेड़ते हैं, और कितने बैक्टीरिया पालते हैं!

    आँखों पर असर

    आँखों पर ब्लू लाइट का सीधा पड़ना, रेटिना को डैमेज कर सकता है। हमारे मोबाइल फोन स्क्रीन से ब्लू लाइट आती है। इसके अलावा कई लोगों की आदत होती है, कि वह अँधेरे में भी स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, जो आपकी आँखों पर बुरा असर डालते हैं।

    सोशल इफ़ेक्ट

    मोबाइल का आविष्कार हुआ था लोगों को आपस में जोड़ने के लिए, जिससे आसानी से लोग कनेक्ट हो सकें। लेकिन आज के समय में फोन ने इंसान को आइसोलेटे कर दिया है। सोशल मीडिया के आ जाने के बाद से लोग बाहर निकलकर कर आपस में मिलने से ज्यादा सोशल मीडिया पर चैट करने में व्यस्त होते हैं।


    लेटेस्ट टेक अपडेट पाने के लिए लाइक करें हिन्‍दी गिज़बोट फेसबुक पेज

    English summary
    Health issues caused by mobile phone, some are really bad. Read more in Hindi.
    Opinion Poll

    पाइए टेक्नालॉजी की दुनिया से जुड़े ताजा अपडेट - Hindi Gizbot

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Gizbot sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Gizbot website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more