जानिए रिपेयर शॉप में कैसे होता है मोबाइल का रेप

By: Ajay Mohan

बेंगलूरु। यह खबर सच्‍ची घटना पर आधारित है, यदि आप अपने मोबाइल फोन से प्रेम करते हैं तो ध्‍यान से पढ़ें, क्‍योंकि उसके बाद आपकी सोच बदलने वाली है। मैं एक भुक्‍तभोगी हूं और सबसे पहले मैं अपने एक्‍सपीरियंस आपके सामने रख रहा हूं। वो भी एक नहीं दो-दो।

1. अगस्‍त 2010 में मैंने मोबाइल खरीदा नोकिया सुपरनोवा घर में मेरी बेटी ने खेल-खेल में मोबाइल फेंक दिया। फोन की स्‍क्रीन टूट गई और नंबर डायल होने बंद हो गये। मैं फोन लेकर जयानगर स्थित नोकिया सर्विस सेंटर में गया तो खर्चा 3000 रुपए बताया। मैंने सोचा 7000 के मोबाइल पर तीन हजार कौन फूंके। मैंने फोन को लेकर जेपी नगर स्थित एक साधारण सी मोबाइल रिपेयर सेंटर पर ले गया। उसने बोला फोन बन जायेगा 500 रुपए का खर्च आयेगा। मैंने कहा ओके। चार दिन बाद उसने मुझे फोन यह कहकर लौटा दिया कि लौटा दिया कि इसका मदरबोर्ड क्रैक हो गया है।

तभी मुझे लखनऊ जाना था, तो मैं फोन भी साथ ले गया। वहां गोमतीनगर स्थित एक रिपेयर शॉप पर मैंने फोन दिया। बोला 1100 रुपए लगेंगे फोन बन जायेगा। उसने चार दिन बाद फोन बनाकर मुझे दे दिया। उस समय मुझसे ज्‍यादा खुश कोई व्‍यक्ति नहीं था, क्‍योंकि 3000 का काम 1100 में जो हो गया था। लेकिन छोटी-छोटी दिक्‍कतें अब फोन में रहने लगी थी। वो यह कि फोटो खींचो तो धुंधली-धुंधली, स्‍क्रीन पर तस्‍वीरें व नंबर भी साफ नहीं दिखाई देते और मैं जिससे भी बात करता, उसे यही शिकायत रहती, कि आवाज़ बहुत धीमी आ रही है। यानी फोन के माइक्रोफोन में कुछ समस्‍या थी। खैर फोन पूरे 6 महीने तक चला और एक दिन परलोक सिधार गया।

जानिए रिपेयर शॉप में कैसे होता है मोबाइल का रेप

2. सितंबर 2011 में मैंने एलजी GX300 खरीदा। बेहतरीन फोन, हर चीज ए1 क्‍वालिटी की। फोन से मैं काफी खुश था, लेकिन एक साल बाद फोन मुझसे गिरा और उसकी स्‍क्रीन चिटक गई। बाकी सारे फंशन एकदम सही थे। मैं फिर जयानगर स्थित एलजी के सर्विस सेंटर पर गया। कंपनी ने खर्चा बताया 1200 रुपए। फिर सोचा 5200 के फोन पर 1200 रुपए? मैंने फिर वही गलती दोहरायी और मोबाइल रिपेयर शॉप्‍स के चक्‍कर काटने लगा। एक के बाद एक कई ने यह कहकर लौटा दिया कि इसकी स्‍क्रीन बाजार में नहीं मिलती आप कंपनी में जाइये। लेकिन पैसा बचाने की ललक ने मुझे मजबूर दूसरी रिपेयर शॉप पर जाने के लिये मजबूर कर दिया।

इस बार मैंने जेपी नगर स्थित रिपेयर शॉप पर फोन दिया। उसने कहा अगर ओरिजनल स्‍क्रीन लगवायेंगे तो 1100 की डुप्‍लीकेट लगवायेंगे तो 300 रुपए की। मैं फिर खुश हो गया। समय मांगा तीन दिन मैंने कहा ओके। तीन दिन बाद उसने मेरा फोन यह कहकर वापस कर दिया कि एलसीडी मिली नहीं। मैं एक और शॉप पर गया। उसने भी तीन दिन बाद मुझे फोन लौटा दिया।

थक हार कर अब मैं कंपनी के सर्विस सेंटर पर गया, तो वहां मुझे पता चला कि अब मेरे फोन में 1100 नहीं 3600 रुपए लगेंगे। मैंने पूछा क्‍यों? तो सर्विस सेंटर के काउंटर पर बैठे व्‍यक्ति ने कहा, "आपके मोबाइल के साथ रेप हुआ है।" उसके ये शब्‍द सुनकर मैं शॉक रह गया। मैंने कहा अब रेप हुआ है तो मेडिकल जांच भी हो ही जाये।

ये है मेरे मोबाइल की मेडिकल रिपोर्ट- फोन का 3 मेगा पिक्‍सेल का कैमरा निकाल कर उसकी जगह वीजीए कैमरा लगा हुआ था। फोन के अंदर का एंटीना निकाल कर किसी नोकिया के मोबाल का खराब एंटीना लगा था, माइक्रोफोन भी निकाल कर उसकी जगह साधारण सा माइक्रोफोन लगा था। ऊपर से मोबाइल देखने में एकदम नया लग रहा था, लेकिन अंदर जो उसके साथ हुआ था उसी के बेसिस पर कंपनी ने कहा ये सब बदलने के लिये 3600 दीजिये या फिर फोन को कूड़े में फेंक दीजिये। तब मुझे अहसास हुआ कि मेरे नोकिया फोन के साथ भी ऐसे ही दुष्‍कर्म हुआ था।

अब जानिए क्‍यों करते हैं ऐसा

2012 सितंबर में मैं लखनऊ गया और अपने मित्र से मिला, जिसकी मोबाइल रिपेयर शॉप है। उसने बताया कि इलेक्‍ट्रॉनिक मार्केट में एक 1100 रुपए वाली ओरिजनल स्‍क्रीन की कीमत 600 रुपए है। वहीं 1000 रुपए के एंटीना की कीमत 400 और इसी तरह माइक्रोफोन की कीमत 300 रुपए। यानी कुल मिलाकर जिस भी रिपेयर शॉप ने ऐसा किया है, उसने आपके मोबाइल का रेप कर 1300 रुपए कमा लिये। तब मुझे अहसास हुआ कि मोबाइल रिपेयर शॉप के मालिक ने मुझसे तीन दिन की मोहलत बाजार से एलसीडी लाने के लिये नहीं बल्कि मेरे मोबाइल से दुष्‍कर्म करने के लिये मांगी थी।

तो अब आप क्‍या सोच रहे हैं। यदि भविष्‍य में आपका मोबाइल फोन टूटा तो आप क्‍या करेंगे? हमारा सुझाव यही है कि कंपनी के सर्विस सेंटर के अलावा कहीं मत जायें।

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