Instagram का नया अलर्ट सिस्टम: अब सेल्फ-हार्म से जुड़े सर्च पर माता-पिता को मिलेगा नोटिफिकेशन
Instagram to Alert Parents: दुनियाभर में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच, Meta के स्वामित्व वाले Instagram ने किशोर यूज़र्स की सुरक्षा के लिए एक नया कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह जल्द ही एक नया अलर्ट सिस्टम शुरू करने जा रही है।
इसके तहत अगर कोई किशोर बार-बार अपनी जान लेने या खुद को नुकसान पहुंचाने से जुड़े शब्द सर्च करता है, तो उसके माता-पिता को इसकी सूचना दी जाएगी। यह फीचर Instagram के मौजूदा "Supervision Tools" का विस्तार होगा, जिसका उद्देश्य माता-पिता को अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर अधिक जागरूक बनाना है।

कैसे काम करेगा नया अलर्ट सिस्टम?
Instagram के अनुसार, यदि कोई किशोर कम समय के भीतर खुद की जान लेने या सेल्फ-हार्म से जुड़े विशेष शब्दों को बार-बार खोजता है, तो माता-पिता को इसकी जानकारी दी जाएगी। यह नोटिफिकेशन ईमेल, टेक्स्ट मैसेज, WhatsApp या ऐप के अंदर अलर्ट के रूप में भेजा जा सकता है।
इसका मतलब है कि अब केवल प्लेटफॉर्म ही नहीं, बल्कि अभिभावक भी संभावित जोखिम भरे व्यवहार के बारे में समय रहते सतर्क हो सकेंगे। कंपनी का कहना है कि यह कदम पहले से मौजूद सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
पहले से क्या सुरक्षा उपाय मौजूद हैं?
Instagram ने पहले ही ऐसी सामग्री पर सख्त नीतियां लागू की हुई हैं जो खुद की जान या खुद को नुकसान पहुंचाने को बढ़ावा देती हैं। अगर कोई यूज़र इस तरह के कंटेंट को सर्च करने की कोशिश करता है, तो उसे सीधे हेल्पलाइन नंबर, काउंसलिंग संसाधन और सहायता सेवाओं की ओर रीडायरेक्ट किया जाता है।
इसके अलावा, 16 वर्ष से कम उम्र के यूज़र्स के अकाउंट डिफॉल्ट रूप से प्राइवेट होते हैं। इसका अर्थ है कि केवल स्वीकृत फॉलोअर्स ही उनकी पोस्ट देख सकते हैं। मैसेजिंग सुविधाएं भी सीमित होती हैं, जिससे अनजान लोगों से संपर्क कम किया जा सके।
Teen Accounts और पैरेंटल कंट्रोल
Instagram के Teen Accounts में 16 साल से कम उम्र के यूज़र्स को सेटिंग बदलने के लिए माता-पिता की अनुमति की जरूरत होती है। साथ ही, माता-पिता अपने बच्चे की गतिविधियों की निगरानी के लिए अतिरिक्त सुपरविजन विकल्प भी चुन सकते हैं, बशर्ते किशोर इसकी सहमति दे।
अब नए अलर्ट सिस्टम के जरिए यह निगरानी और अधिक प्रभावी हो जाएगी। यदि कोई किशोर मानसिक तनाव या संकट के संकेत दिखा रहा है, तो माता-पिता जल्दी हस्तक्षेप कर सकेंगे।
किन देशों में शुरू होगा यह फीचर?
यह नया फीचर अगले सप्ताह से अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में लागू किया जाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि भारत सहित अन्य देशों में इसे कब तक शुरू किया जाएगा।
हालांकि, भारत में भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार सोशल मीडिया के उपयोग पर सख्त नियमों पर विचार कर रही है। ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का कदम उठाया है। ब्रिटेन, स्पेन, ग्रीस और स्लोवेनिया जैसे देश भी नाबालिगों की सुरक्षा के लिए नए नियमों पर काम कर रहे हैं।
क्यों जरूरी है यह कदम?
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किशोरों की मानसिक सेहत को लेकर कई सवाल उठे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौजूद संवेदनशील सामग्री युवाओं को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में समय रहते चेतावनी मिलना माता-पिता के लिए बेहद अहम हो सकता है।
Instagram का नया अलर्ट सिस्टम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हालांकि, कुछ लोग इसे प्राइवेसी के नजरिए से भी देख रहे हैं, क्योंकि इससे किशोरों की सर्च गतिविधियों की जानकारी सीधे अभिभावकों तक पहुंचेगी।
Instagram का यह नया फीचर किशोरों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बार-बार खुद की जान लेने या सेल्फ-हार्म से जुड़े शब्दों की खोज पर माता-पिता को अलर्ट भेजना संभावित जोखिम को समय रहते पहचानने में मदद कर सकता है।
हालांकि, डिजिटल सुरक्षा केवल तकनीकी फीचर्स से पूरी नहीं होती। परिवारों में खुली बातचीत, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सही मार्गदर्शन भी उतना ही जरूरी है।
अब देखना होगा कि यह फीचर अन्य देशों, खासकर भारत, में कब तक लागू होता है और इसका किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा पर कितना सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


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