iPhone 17 Pro Max का Cosmic Orange मॉडल कैसे हुआ Pink? असली वजह जानकर चौंक जाएंगे आप!
Apple के हर नए iPhone के साथ रंगों को लेकर चर्चा होना अब आम बात है। लेकिन इस बार iPhone 17 Pro Max ने सोशल मीडिया पर एक अलग ही हंगामा मचा दिया। जब इसका "पिंक" वर्जन इंटरनेट पर वायरल हुआ, तो हर कोई सोचने लगा कि क्या Apple ने चुपचाप कोई नया कलर लॉन्च कर दिया है?
इस बार जो सच्चाई सामने आई, उसने यूजर्स को हैरान कर दिया। ये नया शेड किसी डिजाइन चेंज का नतीजा नहीं था, बल्कि एक साफ-सफाई की गलती से पैदा हुआ भ्रम था।

कैसे शुरू हुई 'पिंक iPhone' की वायरल कहानी
पूरा मामला Reddit पर एक यूजर की पोस्ट से शुरू हुआ। उसने अपने iPhone 17 Pro Max Cosmic मॉडल की एक तस्वीर साझा की, जिसमें फोन के मेटल फ्रेम पर हल्का गुलाबी (पिंक) शेड नजर आ रहा था। कुछ ही घंटों में यह फोटो वायरल हो गई।
कई यूजर्स ने सोचा कि Apple ने कोई नया "Pink Edition" लॉन्च कर दिया है, वहीं कुछ लोगों ने इसे Photoshop या लाइटिंग का ट्रिक बताया। TikTok पर भी ऐसे कई वीडियोज़ आने लगे, जिसमें यूज़र्स अपने iPhone के रंग बदलने का दावा करने लगे।
क्या है वजह
कई दिनों की चर्चाओं के बाद असल कारण सामने आया। टेक वेबसाइट्स ने रिपोर्ट किया कि यह कोई नया रंग नहीं, बल्कि एक केमिकल रिएक्शन का नतीजा है।
दरअसल, iPhone 17 Pro Max का फ्रेम anodised aluminum से बना है। यह मेटल टिकाऊ होता है, लेकिन इसकी सतह पर एक पतली ऑक्साइड परत होती है जो कुछ रासायनिक पदार्थों के संपर्क में आने पर रंग बदल सकती है।
कई यूजर्स ने अपने फोन को साफ करने के लिए हाइड्रोजन पेरॉक्साइड या ब्लीच वाले क्लीनर का इस्तेमाल किया, जिससे यह रासायनिक परत रिएक्ट कर गई। इस वजह से फोन की मेटलिक साइड पिंक दिखने लगी, जबकि बैक ग्लास पैनल अपनी मूल "Orange" कलर में ही रहा। यानी, "पिंक iPhone" का जन्म किसी Apple डिजाइन अपडेट से नहीं, बल्कि यूजर्स के साफ-सफाई के एक्सपेरिमेंट से हुआ।
Apple की ऑफिशियल क्लीनिंग गाइड
Apple ने पहले ही साफ-सफाई के लिए कुछ नियम बताए हैं, जिनका पालन न करने पर डिवाइस का कलर या टेक्सचर प्रभावित हो सकता है।
- हमेशा 70% isopropyl alcohol या 70% ethyl alcohol wipes से ही साफ करें।
- Clorox disinfecting wipes का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
- Hydrogen peroxide या bleach वाले क्लीनर से दूरी बनाए रखें।
- किसी भी पोर्ट या ओपनिंग में नमी न जाने दें।
- फोन को कभी भी किसी लिक्विड में डुबोएं नहीं।
- सफाई के बाद हमेशा सूखे, मुलायम कपड़े से फोन को पोंछें।
जब 'हाइजीन' बनी डिजाइन की दुश्मन
आमतौर पर यूजर्स फोन को चमकाने के लिए कोई भी क्लीनर इस्तेमाल कर लेते हैं, ताकि वह नया दिखे। लेकिन यह केस दिखाता है कि "अत्यधिक हाइजीन" भी डिवाइस के डिजाइन और कलर को नुकसान पहुंचा सकती है। Apple जैसी कंपनी जहां हर रंग को सावधानी से तय करती है, वहीं कुछ सेकंड का क्लीनिंग एक्सपेरिमेंट उस कलर को पूरी तरह बदल सकता है।
सोशल मीडिया पर भले ही "Pink iPhone 17 Pro Max" ट्रेंड कर गया हो, लेकिन Apple ने ऐसा कोई नया कलर लॉन्च नहीं किया है। असल में यह एक साफ-सफाई की गलती थी, जिसने डिवाइस के मेटल को रिएक्ट कर दिया। यह घटना iPhone यूज़र्स के लिए एक चेतावनी है, डिजाइन से ज्यादा, सावधानी जरूरी है।


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