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सावधान रहें, स्‍मार्टफोन के चार्जर हो सकते हैं घातक

अगर आप अपने फोन में किसी अन्‍य चार्जर को इस्‍तेमाल कर रहे हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है, ये चार्जर नकली हैं और आपके फोन के रखरखाव के लिए जोखिम भरे हैं।

By Aditi

हाल ही में एक टेस्‍ट किया गया, जिसमें पाया गया है कि ऑनलाइन बिकने वाले चार्जरों में से कई सारे चार्जर; लगभग नकली हैं और इन्‍हें कई अलग-अलग देशों में बेचा जा रहा है जिनमें से एक देश यूएसए भी है। ये चार्जर, फोन को बेकार कर सकते हैं या उनकी क्रियाविधि को धीमा कर सकते हैं।

सावधान रहें, स्‍मार्टफोन के चार्जर हो सकते हैं घातक

कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि वो अपना चार्जर कहीं रखकर भूल जाते हैं या उसे खो देते हैं। उसके बाद उन्‍हें जब चार्जर की जरूरत होती है तो वे उसे ऑनलाइन ही मंगवा लेते हैं और उससे ही फोन को चार्ज करना शुरू कर देते हैं।

लेकिन उसके कुछ समय बाद ही उनके फोन में गड़बड़ी आने लगती है और उन्‍हें इसका अंदाजा तक नहीं हो पाता है कि नए चार्जर की वजह से ऐसा हो रहा है। वैसे आपको बता दें कि ये चार्जर, सुरक्षा के लिहाज से भी सही नहीं होते हैं।

सावधान रहें, स्‍मार्टफोन के चार्जर हो सकते हैं घातक

ब्रिटेन के उपभोक्‍ता संरक्षण नियमन, चार्टर ट्रेडिंग स्‍टैंडर्ड इंस्‍टीट्यूट ने एक परीक्षण किया, जिसमें उन्‍होंने 8 देशों से लगभग 400 चार्जर को ऑर्डर करके मंगवाया। इस परीक्षण में उन्‍होंने पाया कि ऑनलाइन आने वाले चार्जरों में से लगभग 99 प्रतिशत चार्जर लोकल हैं और वो फोन को चार्ज करने के मानकों में सही नहीं हैं। सेफ्टी टेस्‍ट में भी सारे चार्जर फेल हो चुके हैं और इन चार्जरों को मात्र तीन इलेक्ट्रिक फ्लक्‍चुएशन में भी खराब होते देखा गया। यानि ये चार्जर आपके फोन को सुरक्षित रखने में नाकामयाब साबित हुए।

इस साल ही शुरूआत में, एप्‍पल ने भी ऐसा ही परीक्षण किया था जिसमें उन्‍होंने अमेज़न से एप्‍पल फोन के लिए बेचे जा रहे चार्जर को खरीदा था और उसे टेस्‍ट किया था। इस परीक्षण में चौंकाने वाली बात सामने आई थी कि ये सभी चार्जर (लगभग 90 प्रतिशत) नकली थे और फोन को सही से चार्ज करने में अक्षम थे।

सावधान रहें, स्‍मार्टफोन के चार्जर हो सकते हैं घातक

उसके बाद, एप्‍पल ने मोबाइल स्‍टार एलएलसी के खिलाफ एक मुकदमा दायक किया था और कहा था कि ये कम्‍पनी नकली चार्जर बेचती है जिससे एप्‍पल फोन के प्रदर्शन पर नकारात्‍मक असर पड़ता है। एप्‍पल ने ये भी बताया था कि इन चार्जर के एडाप्‍टर बुरी तरह से डिजाइन किए गए हैं और सही से नहीं बनाएं गए हैं जिससे लीथल इलेक्‍ट्रोक्‍युशन का खतरा हो सकता है।

हालांकि, सीटीएसआई के द्वारा करवाएं गए परीक्षण का परिणाम, चौंकाने वाला था, लियोन लिवरमोर, मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी, सीटीएसआई ने लोगों से आग्रह किया कि वो सिर्फ सेकेंड हैंड इलेक्ट्रिक गुड्स ही खरीदें, क्‍योंकि वो परीक्षण किए हुए होते हैं, न कि ऑनलाइन खरीदें। ऑनलाइन से ज्‍यादा भरोसा आप पुराने सामान पर कर सकते हैं।

इसके अलावा, उन्‍होंने कहा कि आपको सेकेंड हैंड प्रोडक्‍ट मंहगा लग सकता है और ऑनलाइन सस्‍ता, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से वो ज्‍यादा सही होते हैं अगर वो ओरिजनल होते हैं। इससे आपकी डिवाइस भी सुरक्षित रहेगी और उनके फटने आदि का डर भी नहीं रहेगा।

ऐसी घटनाओं के बीच, सीटीएसआई ने ग्राहकों से ये भी अनुरोध किया है कि वो नामचीन सप्‍लायर्स से ही इन डिवाइस के सामान को खरीदें क्‍योंकि वो सही उत्‍पाद देते हैं और उनमें कोई समस्‍या आने पर आप वो जवाबदेह भी होंगे।

खैर, इस परीक्षण से यह स्‍पष्‍ट हो चुका है कि आपको मोबाइल आदि के चार्जर को देखकर ही खरीदना चाहिए ताकि आपके फोन की सुरक्षा बनी रहें और वो अच्‍छे से चल पाएं। साथ ही उसके फटने आदि का डर भी न रहें।

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English summary
Warning over fake chargers sold online.
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