Nothing Phone (3) पर लगा बड़ा इल्जाम; स्टॉक फोटो को असली सैंपल बताने पर बवाल, कंपनी ने दी सफाई
स्मार्टफोन इंडस्ट्री में नई और अनोखी पहचान बनाने वाली कंपनी Nothing एक बार फिर विवादों में फंस गई है। इस बार मामला Nothing Phone (3) के कैमरा सैंपल को लेकर उठा है। आरोप है कि कंपनी ने अपने लेटेस्ट फोन की डेमो यूनिट्स में असली कैमरा शॉट्स की जगह स्टॉक इमेज का इस्तेमाल किया। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने कंपनी की ट्रांसपेरेंसी पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है।
हालांकि इसके बाद कंपनी ने अपनी सफाई भी दी है। यहां हम जानेंगे कि आखिर पूरा मामला क्या है और क्यों लोगों ने इसपर प्रतिक्रिया दी है। आइए इसके बैरे में विस्तार से जानते हैं।

मामला कैसे सामने आया?
रिपोर्ट्स में पता चला है कि यह पूरा विवाद न्यूजीलैंड की एक रिटेल स्टोर यूनिट से शुरू हुआ। वहां मौजूद डेमो डिवाइस की स्क्रीन रिकॉर्डिंग सामने आई, जिसमें कुछ तस्वीरें दिखाई दे रही थीं।
इन तस्वीरों के साथ 'Here's what our community has captured with the Phone (3)' और #WithNothing हैशटैग लिखा हुआ था। इसका मतलब साफ था कि कंपनी यह दिखाने की कोशिश कर रही थी कि ये फोटोज Phone (3) से क्लिक की गई हैं। लेकिन सच्चाई कुछ और निकली।
Android Authority की रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन तस्वीरों का संबंध Nothing Phone (3) से नहीं है, बल्कि ये सभी स्टॉक इमेज प्लेटफॉर्म स्टिल्स (Stills) से खरीदी गईं तस्वीरें हैं। तस्वीरों में एक कार का हेडलाइट, खिड़की, कांच, सीढ़ियां और एक महिला का पोर्ट्रेट शामिल था।
असली फोटोग्राफर ने खोली पोल
विवाद तब और बढ़ गया जब इन तस्वीरों में से एक- कार हेडलाइट वाली फोटो के असली फोटोग्राफर Roman Fox ने कंपनी के दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि यह फोटो उन्होंने 2023 में पेरिस में क्लिक की थी। उस समय तो Phone (3) का नामोनिशान तक नहीं था। यानी जाहिर है कि इस इमेज को Nothing के फोन से जोड़ना गलत था।
Nothing की सफाई
विवाद गहराने के बाद Nothing के को-फाउंडर अकीस इवेंजेलिडिस ने सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि यह कंपनी का कोई धोखा नहीं था बल्कि एक 'अनजाने में हुई गलती' थी।
उन्होंने समझाया कि डेमो यूनिट (Live Demo Unit - LDU) को लॉन्च से करीब चार महीने पहले तैयार किया जाता है और उस दौरान placeholders यानी अस्थायी तस्वीरें डाली जाती हैं। जैसे ही मास प्रोडक्शन शुरू होता है, इन प्लेस होल्डर्स को असली कैमरा सैंपल से बदल दिया जाता है। लेकिन इस बार कुछ रिटेल स्टोर्स में अपडेट नहीं हो पाया और वहीं गलती सामने आई।
कंपनी ने यह भी कहा कि अब सभी डेमो यूनिट्स को तुरंत अपडेट किया जा रहा है ताकि केवल Phone (3) से ली गई असली तस्वीरें ही दिखाई दें।
ट्रांसपेरेंसी पर उठा सवाल
Nothing ने हमेशा खुद को ट्रांसपेरेंसी और 'कम्युनिटी-फ्रेंडली' ब्रांड के रूप में पेश किया है। कंपनी का दावा रहा है कि वे प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि अपने यूजर्स द्वारा ली गई तस्वीरें ही प्रमोट करते हैं। Phone (3) के लॉन्च के बाद भी कंपनी की वेबसाइट और पार्टनर प्लेटफॉर्म्स पर यूजर-क्लिक्ड फोटोज का ही इस्तेमाल हुआ है।
लेकिन इस ताजा विवाद ने कंपनी की इस 'ट्रांसपेरेंसी पॉलिसी' पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्योंकि असली फोटोग्राफर्स की इमेज को अपने फोन से जोड़े जाने से सीधे तौर पर यूजर्स को गुमराह किया गया।
हिल सकता है यूजर्स का भरोसा
यह घटना उस समय सामने आई है जब Nothing Phone (3) पहले ही अपनी कीमत और फीचर्स को लेकर चर्चा में है। भारतीय मार्केट में कई यूजर्स का मानना है कि यह फोन हाई-प्राइस सेगमेंट में आते हुए भी कुछ खास वैल्यू-फॉर-मनी ऑफर नहीं करता। ऐसे में फेक कैमरा सैंपल का विवाद यूजर्स के भरोसे को और कमजोर कर सकता है।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का कहना है कि अगर कंपनी स्टॉक इमेज का सहारा लेकर अपने प्रोडक्ट को प्रमोट कर रही है, तो फिर असली परफॉर्मेंस कितनी भरोसेमंद होगी? वहीं, कुछ टेक एनालिस्ट्स का मानना है कि यह घटना Nothing की इमेज पर बुरे असर डाल सकती है, खासकर तब जब ब्रांड खुद को ट्रांसपेरेंसी और ईमानदारी की छवि के साथ मार्केट करता है।
आगे क्या होगा?
Nothing ने आश्वासन दिया है कि ऐसी गलती भविष्य में दोबारा नहीं होगी और इसके लिए इंटरनल जांच भी की जा रही है। साथ ही कंपनी ने अपने यूजर्स से अपील की है कि वे अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करें और दिखाएं कि Phone (3) असल में किस हद तक बेहतरीन कैमरा क्वालिटी देता है।
हालांकि, अब देखना यह होगा कि कंपनी अपनी इस गलती से सबक लेकर कस्टमर्स का भरोसा दोबारा जीत पाती है या नहीं। क्योंकि स्मार्टफोन की दुनिया में एक छोटी सी चूक भी ब्रांड की साख पर बड़ा असर डाल सकती है।


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