10 स्मार्टफोन ब्रांड जो भारत में नहीं चल पाए
भारत का स्मार्टफोन बाजार दूसरे देशों की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी और तेज है। अगर आपको ध्यान हो तो पिछले दशक में कई नए ब्रांड भारत में आए, जबकि कई पुराने ब्रांड्स को बाजार छोड़ना पड़ा है। आइए नजर डालते हैं ऐसे ही 10 स्मार्टफोन ब्रांड्स पर जिन्होंने पिछले दशक में भारतीय बाजार से विदा ली या फिर कहें उन्हें मजबूरी में बाजार छोड़ना पड़ा।
सोनी: अपने बेहतरीन स्मार्टटीवी और ऑडियो इक्विपमेंट के लिए सोनी लोगों की पहली पसंद है लेकिन 2019 में सोनी ने भारत में स्मार्टफोन बाजार से हाथ खींच लिए। भारत के अलावा सोनी ने सेंट्रल और साउथ अमेरिका, वेस्ट एशिया और साउथ एशिया में भी अपने स्मार्टफोन सेगमेंट को बंद कर दिया।

जियोनी: चाइनीज स्मार्टफोन मेकर ब्रांड जियोनी ने कुछ समय तक भारत में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन 2019 में इसे बंद कर दिया गया। कंपनी को भारतीय उपभोक्ताओ अपने फोन मॉडल्स के लिए ज्यादा अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली।
लेनोवो: लेनोवो दुनिया भर में लोकप्रिय लैपटॉप ब्रांड है, भारत में लेनोवा अपने लैपटॉप सीरीज को बढ़ा भी रहा है लेकिन इसकी स्मार्टफोन लाइन भारत में सफल नहीं हो पाई और 2017 में इसे अपने स्मार्टफोन सेगमेंट को बंद करना पड़ा।
एचटीसी: एचटीसी एक ऐसा ब्रांड था जिसके स्मार्टफोन काफी लोकप्रिय हुआ करते थे, अपनी अलग डिज़ाइन और इंटरफेज की वजह से इसके काफी चाहने वाले थे लेकिन कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण 2018 में इसे भारत से बाहर होना पड़ा।
पैनासोनिक: पैनासोनिक एक जापानी इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैचरिंग कंपनी है लेकिन कंपनी के स्मार्टफोन पोर्टफोलियो को भारत में ज़्यादा सफलता नहीं मिल पाई हालाकि पैनासोनिक ने अपनी स्मार्टफोन रेंज में ज्यादा मॉडल नहीं निकाले लेकिन जो भी मॉडल लांच किए वो इतने चल रही पाए, 2018 में कंपनी ने भारत में स्मार्टफोन की गतिविधियां बंद कर दीं।
एलजी: एलजी होम एप्लाइंसेस और टेलीविज़न के क्षेत्र में एक जाना-माना ब्रांड है लेकिन इसके स्मार्टफोन उतने लोकप्रिय नहीं हो पाए जितने दूसरे उपकरण इसीलिए एलजी ने 2021 में स्मार्टफोन बाजार से निकलना सही समझा।
ब्लैकबेरी: अपने क्वर्टी (QWERTY) की बोर्ड के लिए फेमस ब्लैकबेरी एक समय में बिजनेस और प्रोफेशनल लोगों की पहचान हुआ करता था। लेकिन एंड्रायड और आइओएस की बढ़ती पॉपुलेरिटी ने भारत से ब्लैकबेरी का सुपड़ा साफ कर दिया। अगस्त 2020 में कंपनी ने अपना मोबाइल सेगमेंट बंद कर दिया।
LeEco: एक समय में LeEco भारत में न सिर्फ स्मार्टफोन बेचता था बल्कि स्मार्टटीवी के बाजार में भी ये अपनी पकड़ मजबूत बनाना चाहता था लेकिन काफी कैश बर्न यानी पैसे खर्च करने के बाद भी 2017 में कंपनी को भारतीय बाजार से अपना बोरिया बिस्तर बांधना पड़ा।
स्पाइस : स्पाइस मोबाइल कॉलेज गोइंग यंगस्टर का पसंदीदा ब्रांड हुआ करता था। बजट सेगमेंट में स्पाइस मोबाइल के काफी मॉडल भारत में फेमस हुआ करते थे लेकिन दूसरी स्मार्टफोन कंपनियों के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से कंपनी को भारत से जाना पड़ा।
आईबॉल: अगर एसेसरीज की बात करे तो आईबॉल किसी नाम का मोहताज नहीं है लेकिन स्मार्टफोन मार्केट में कपंनी कोई धमाल नहीं मचा पाई। कंपनी ने शुरुआत में रूरल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की लेकिन ओप्पो, वीवो, शाओमी जैसी कंपनियो ने उसे भारत में अपना स्मार्टफोन सेगमेंट बंद करने पर मजबूर कर दिया।
ये ब्रांड दुनिया भर के लिए यह संदेश लेकर आए कि भारत का स्मार्टफोन बाजार बहुत ही प्रतिस्पर्धी है और कंपनियों को लगातार अपने प्रोडेक्ट और सर्विस को अपग्रेड करते रहना होगा।


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