कहीं आपको भी तो बर्बाद नहीं कर रहा स्मार्टफोन!
स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। साधारण फीचर फोन हो या हाई एंड स्मार्टफोन इसने हर घर में जगह बनाई है। स्मार्टफोन ने हम सभी की लाइफ बदल दी है। इस छोटे से स्मार्टफोन में क्या कुछ समा गया है। स्मार्टफोन से हमारे कई काम पूरे हो जाते हैं। दिन भर हमारा साथी बन स्मार्टफोन हमारे साथ हर जगह होता है। स्मार्टफोन ने दो लोगों के बीच की दूरी को कम भी किया है तो हमारी लाइफ को डिस्टर्ब भी।
जी हां! स्मार्टफोन के बिना रहना भले ही आपको पसंद न हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्मार्टफोन कई तरीकों से हमारी लाइफ को ख़राब कर सकता है। नहीं! चलिए आज आपको बताते हैं कैसे स्मार्टफोन हमारी लाइफ में एक नेगेटिव किरदार भी निभा सकता है-
रोड क्रॉस करने के दौरान
फ़ोन पर बात करने के दौरान रोड क्रॉस करना खतरे से खाली नहीं है। यह स्थिति अक्सर होती है, कि आप सड़क पर हैं और साथ ही फोन पर भी। ऐसे में कुछ दुर्घटना भी हो सकती है। इसके लिए जब आप सड़क पर हों तो फोन पर बात करना व फोन पर गाने सुनना थोड़ा नजर अंदाज करें।
सेल्फी
जहां भी जाएं, जो भी करें हर चीज में सेल्फी लेना एक बीमारी हो सकती है। आपने ऐसी न्यूज़ तो सुनी होंगी कि जब सेल्फी के चक्कर में लोगों ने अपनी जान ही गंवा दी।
ऑनलाइन रिलेशनशिप
इन दिनों लोग या मैसेज चैटिंग कर रहे होते हैं या फिर विडियो चैट। फेस टू फेस कम्युनिकेशन की इन दिनों कमी है। साथ ही रिलेशनशिप में भी बदलाव आया है।
स्ट्रेस
किसी भी चीज की अति अच्छी नहीं होती। यह बात टेक्नोलॉजी के लिए भी है। फोन पर लगे रहने से स्ट्रेस बढ़ता है।
फिजूल खर्ची
लोग अपने फोन पर कई रुपए खर्च करते हैं। अच्छा फोन, इंटरनेट, एक्सेसरीज ये सब खर्चे बढ़ते ही जा रहे हैं।
फिटनेस मोबाइल
लोग जिम करने, एक्सरसाइज करने से ज्यादा फ़ोन को समय देते हैं। फिटनेस मोबाइल हो चुकी है।
नींद
बेड पर भी फोन का इस्तेमाल मतलब नींद ख़राब। बेड सोने के लिए लिए है, फोन के लिए नहीं। याद रखें, नींद ख़राब करने का मतलब है हेल्थ ख़राब।
हैडफ़ोन
फोन पर बहुत अधिक आवाज में सुनना सही नहीं है। कई लोगों की आदत होती है, हैडफ़ोन पर जोर जोर से गाने सुनना। इससे कान भी ख़राब हो सकते हैं।
बिमारियों को न्यौता
हम सोच भी नहीं सकते कि स्मार्टफोन हमारी लाइफ को कितनी बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। इससे हमें देखें में, सुनने में और सर दर्द जैसे कई बीमारियां हो सकती हैं। एक नई रिसर्च में सामने आया है कि स्मार्टफोन पर ज्यादा समय बिताने से कई हेल्थ प्रॉब्लम होती हैं।
वर्चुअल मेमोरी कार्ड।
स्मार्टफोन आज एक वर्चुअल मेमोरी कार्ड बन गया है। हम जो स्मार्टफोन पर देखते हैं केवल वही याद रखते हैं। लेकिन स्मार्टफोन कोई इनफार्मेशन का सोर्स नहीं है!
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