Monsoon AC Tips: बारिश में AC का रखना होगा खास ख्याल; वरना गंवा देंगे हजारों रुपये
Monsoon AC Tips: जैसे ही मानसून भारत में दस्तक देता है और लोगों को गर्मी से राहत तो मिलती है, लेकिन इसके साथ ही कई चुनौतियां भी सामने आती हैं। खासतौर पर जब बात एयर कंडीशनर (AC) की हो। गर्मियों में तो AC का इस्तेमाल एक आम बात है, लेकिन बरसात के मौसम में इसकी जरूरत और देखभाल दोनों बदल जाती हैं।
मानसून में वातावरण में नमी काफी अधिक हो जाती है, और अगर इस मौसम में AC का सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए तो इससे टूल की फंक्शनलिटी घट सकती है, बिजली बिल बढ़ सकता है, और आपकी हेल्थ पर भी गलत प्रभाव पड़ सकता है। यहां हम आपको बताएंगे कि मानसून में AC चलाने को लेकर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बढ़ी हुई नमी से AC पर दबाव
मानसून में वातावरण में गर्मी की बजाय नमी अधिक होती है। ऐसे में जब आप AC को सामान्य Cool Mode में चलाते हैं, तो उसे केवल ठंडक नहीं बल्कि वातावरण की नमी भी हटानी पड़ती है। इससे मशीन पर ज्यादा दबाव पड़ता है और बिजली की खपत भी अधिक होती है।
मानसून में Dry Mode का उपयोग करें। यह मोड अतिरिक्त नमी को हटाता है, बिना जरूरत से ज़्यादा ठंडक दिए। इससे ऊर्जा की बचत होती है और AC की फंक्शनलिटी भी बनी रहती है।
फिल्टर में फफूंदी और बैक्टीरिया का खतरा
बरसाती नमी AC के फिल्टर और डक्ट्स में जम जाती है। अगर समय-समय पर इनकी सफाई न की जाए, तो इनमें फफूंदी (Mould) और बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे कफ, छींक और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
ऐसे में हर दो हफ्ते में एक बार AC के फिल्टर की सफाई करें। अगर घर में कोई दमा या एलर्जी का मरीज है, तो यह और भी जरूरी हो जाता है।
पावर फ्लक्चुएशन से डिवाइस को नुकसान
मानसून के दौरान कई बार बिजली की कटौती या वोल्टेज में उतार-चढ़ाव होता है, जो आपके AC की मदरबोर्ड, कंप्रेसर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक घटकों को नुकसान पहुंचा सकता है।
हमेशा अपने AC को एक अच्छे क्वालिटी के वोल्टेज स्टेबलाइजर या सर्ज प्रोटेक्टर से जोड़ें। यह आपके डिवाइस को अचानक के झटकों से बचाएगा। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको हजारों रुपये का फटका लग सकता है।
आउटडोर यूनिट पर बारिश का असर
अगर आपका AC स्प्लिट सिस्टम है, तो उसकी आउटडोर यूनिट बरसात में सीधे संपर्क में आती है। बारिश का पानी, कीचड़ या जलजमाव इसके पंखे, वायरिंग और बॉडी को नुकसान पहुंचा सकता है।
आउटडोर यूनिट को छायादार और ऊंचे स्थान पर लगवाएं। इस बात का ध्यान रखें कि ड्रेन पाइप सही तरह से काम कर रहा हो और पानी जमा न हो। साथ ही भारी बारिश के बाद यूनिट की जांच जरूर करें।
जरूरत से ज्यादा ठंडक स्वास्थ्य पर भारी
मानसून का मौसम वैसे ही ठंडा और नमीयुक्त होता है। ऐसे में अगर आप AC को 18 डिग्री या उससे भी कम पर सेट कर देते हैं, तो इससे सर्दी, जुकाम, गला खराब और बदन दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
AC का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें। साथ में एक सीलिंग फैन या टेबल फैन का उपयोग करें ताकि ठंडी हवा कमरे में अच्छी तरह फैले। सोते समय Sleep Mode का प्रयोग करें ताकि तापमान धीरे-धीरे बढ़ता रहे।
मानसून में AC का सही तरीके से इस्तेमाल करना न सिर्फ आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे इक्विपमेंट की लाइफ भी बढ़ती है और बिजली का खर्च भी कम होता है। थोड़ी-सी सावधानी और समझदारी से आप इस मौसम में भी ठंडी हवा का आनंद सुरक्षित तरीके से उठा सकते हैं। याद रखें, मानसून AC की परख का मौसम है। सही देखभाल से ही आप शुद्ध हवा और टिकाऊ परफॉर्मेंस पाएंगे। अगर आप इन टिप्स को फॉलों करते हैं तो आप अपने पैसे बचा सकते हैं।


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