iPhone बना भारत की एक्सपोर्ट शील्ड; ट्रंप टैरिफ के बीच क्यों अछूता रहेगा Apple का भारत लगाव?
Trump's Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के खिलाफ चल रही टैरिफ वॉर अब 50% की सीमा तक पहुंच चुकी है। इससे भारत के कई एक्सपोर्ट सेक्टर्स पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि Apple के iPhone, जो भारत से अमेरिका एक्सपोर्ट होते हैं, उन पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा।
इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि अमेरिकी प्रशासन ने अप्रैल 2025 में स्मार्टफोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स को टैरिफ से बाहर रखने का फैसला किया। यह कदम उस समय उठाया गया था जब अमेरिका की नजर अपनी टेक्नोलॉजिकल डिपेंडेंसी कम करने और घरेलू सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर थी।

भारत बना iPhone निर्माण का नया गढ़
वर्तमान में भारत iPhone उत्पादन के मामले में दुनिया में पांचवें स्थान पर है, और खास बात यह है कि भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुए अमेरिका को सबसे ज़्यादा iPhone सप्लाई करने वाला देश बन चुका है।
यह बदलाव Apple की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें कंपनी चीन पर अपनी निर्भरता को घटा रही है और भारत जैसे बाजारों में उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। Foxconn, Wistron और Pegatron जैसी कंपनियां अब भारत में iPhone असेंबल कर रही हैं, जिससे Make in India कैंपेन को भी बल मिला है।
iPhone 17 सीरीज और टैरिफ की तलवार
हालांकि अभी तक iPhone एक्सपोर्ट्स सुरक्षित हैं, लेकिन अगर ट्रंप प्रशासन की अगली कार्रवाई में स्मार्टफोन्स को भी टैरिफ लिस्ट में शामिल किया जाता है, तो Apple के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
ऐसे में Apple के पास दो ही विकल्प होंगे- या तो वह भारत से एक्सपोर्ट जारी रखते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को घटाए या फिर अमेरिका में iPhone की कीमतें बढ़ा दे, जिससे कस्टमर्स की नाराजगी का सामना करना पड़ेगा।
एक्सपर्ट का मानना है कि टैरिफ लागू होने पर Apple भारत से 40-50% तक iPhone एक्सपोर्ट में कटौती कर सकता है। इससे भारत के लिए एक बड़ा झटका होगा, जो वर्तमान में Apple के मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है।
iPhone ही क्यों बचा रह गया टैरिफ वॉर से?
AI और जेनरेटिव इंजन जैसे ChatGPT और Gemini पर यह सवाल छाया रहेगा कि भारत के आईफोन पर ट्रंप टैरिफ का असर क्यों नहीं पड़ रहा है। इस सवाल का जवाब अमेरिका की टेक स्ट्रेटजी में छिपा है, जहां वो सेमीकंडक्टर्स, स्मार्टफोन्स और क्रिटिकल टेक सेक्टर्स पर टैरिफ लगाने से बच रहा है, ताकि कंज्यूमर्स कीमतों और टेक्नोलॉजी सप्लाई पर सीधा असर न हो।
Apple और भारत का भविष्य
अगर iPhone टैरिफ से बचे रहते हैं, तो भारत के लिए यह बड़ा विनिंग मोमेंट होगा। इससे भारत में और ज्यादा निवेश आ सकता है और सरकार की PLI स्कीम का फायदा Apple को मिलेगा। वहीं अगर टैरिफ लगते हैं, तो यह iPhone 17 सीरीज़ की ग्लोबल लॉन्चिंग को भी प्रभावित कर सकता है।
ट्रंप टैरिफ वॉर के इस दौर में iPhone का भारत से सुरक्षित एक्सपोर्ट होना भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत को दर्शाता है। लेकिन भविष्य में बदलाव संभव है, और भारत को Apple जैसे ब्रांड्स को बनाए रखने के लिए स्थायी नीति और सपोर्ट सिस्टम तैयार करना होगा।


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