क्यूं होते थे स्मार्टफोन से बेहतर सस्ते बटन फोन
कई बार जब हम मेट्रो लाइफस्टाइल को कैरी करते हैं तो सोचते हैं कि जब हमारे पास साधारण से बटन वाले फोन; खासकर नोकिया 1100 टाइप के फोन हुआ करते थे तो हम कैसे जीते थे और हमारी जिंदगी कितनी कठिन होती थी।

लेकिन सच थोड़ा हटकर है। वो फोन कई मामलों में अच्छे भी होते थे।
सस्ते फोन, अच्छी क्वालिटी और सारी सुविधाएं नहीं दे सकते हैं लेकिन 800 रूपए की कीमत वाले इन फोन की अपनी ही खासियत हैं। आइए जानते हैं कैसे-
ज्यादा कीमत नहीं
इन फोन को खरीदने के लिए आपको अपनी पूरी सैलरी लुटा देने की जरूरत नहीं पड़ती है। आप बजट के अंदर ही उन फोन को खरीद पाते थे।
ग़म नहीं
इन फोन के खराब होने पर या खो देने पर यूजर को कोई ग़म नहीं होता था।
टूटता नहीं
ये फोन कभी भी अचानक से गिर जाने पर टूटते नहीं थे। इनकी मजबूती आजतक लोगों को याद है।
पॉवरफुल टॉर्चलाइट
इस फोन की टॉर्चलाइट काफी पॉवरफुल है। अब तक के सबसे अच्छे फोन में से नोकिया 1100 को गिना जाता है जिसकी टॉर्च की रोशनी में अंधेरे में पूरा रास्ता पार हो जाया करता था।
बैट्री लाइफ
पुराने फोन की बैट्री लाइफ बहुत स्ट्रांग होती थी। एक बार चार्ज करने पर वो आराम से दो से तीन दिन चल जाते थे।
टाइपिंग
नोकिया 110 में टाइपिंग करना सबसे आसान टास्क था। आप बिलकुल भी जानकारी न रखने के बावजूद भी आसानी से टाइपिंग कर सकते हैं।
स्पीड डायल
इस फोन में स्पीड डायल फीचर हुआ करता था जिससे जिन्हें रेगुलर बेसिस पर कॉल करना होता था, उन्हें आसानी से कॉल किया जा सकता था।
हैंग न होना
ये फोन कभी भी हैंग नहीं होते थे। आप आसानी से इन्हें जेब से निकालकर इस्तेमाल कर सकते थे।
पासवर्ड
इन फोन में पासवर्ड को याद रखने की झंझट नहीं होती थी। आप इन्हें ओपन करें और चालू कर दें। पिन डालने की सुविधा दी गई थी लेकिन बहुत कम लोग ही इसका इस्तेमाल करते थे।
चार्जर
इस फोन का चार्जर आपको कहीं भी कभी भी मिल जाता था। हर किसी के फोन में एक ही पिन वाला चार्जर लगता था।


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