Jio से जुड़े 1.05 करोड़ नए यूजर्स, एयरटेल, वोडा-आइडिया की बढ़ी समस्या
रिलायंस जियो ने भारतीय बाजार में अपनी एक खास पहचान बना ली है। कंपनी कुछ ही समय में कई सब्सक्राइबर बना ली हैं। ऐसा होना तय था क्योंकि कंपनी काफी कम कीमत में शानदार ऑफर्स और डील्स पेश कर रही है। रिलायंस जियो के आने के बाद बाकी कंपनियां काफी मुश्किल में पड़ गई हैं।

इसी के चलते बाकी कंपनियां भी अपने आपको आगे रखने के लिए तरह तरह की योजना बना ही हैं। रिलायंस जियो की एंट्री के बाद से बाकी टेलीकॉम कंपनियों पर काफी प्रेशर आ गया है। भारतीय बाजार में प्राइस और डाटा वॉर काफी बढ़ गया है। वहीं वोडाफोन और आइडिया ने भी मर्जर कर लिया है। जिससे कंपनियों के बीच एंटिटी बन गई हैं जिन्हें वोडाफोन इंडिया का नाम दिया गया है। बता दें, टाटा डोकोमो का भी भारती एयरटेल में विलय हो गया है।
रिलायंस जियो ने छोड़ा पीछे
ट्राई के अक्टूबर डाटा पर नजर डालें तो पता चलता है कि बाकी टेलीकॉम कंपनियों की स्थिति अच्छी नहीं कही जा सकती है। ट्राई के आंकड़ो के मुताबिक रिलायंस जियो ने अक्टबर महीने में 1.05 करोड़ यूजर्स को अपने साथ जोड़ते हुए सभी टेलीकॉम कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। जो बहुत बड़ा गैप है। हालांकि अब रिलायंस जियो का सब्सक्राइबर्स बेस 26.3 करोड़ तक पहुंच गया है।
वहीं कंपनी का मार्केट शेयर अक्टूबर में बढ़कर 22.46% हो गया है। सरकारी कंपनी BSNL ने 36 लाख सब्सक्राइबर्स को अपने साथ जोड़ा है और अब उसका मार्केट शेयर 9.7% हो गया है। इस सभी के बीच वोडाफोन आइडिया ने 73.6 लाख सब्सक्राइबर्स और भारती एयरटेल ने 18.6 लाख सब्सक्राइबर्स को खो दिया है।
रिलायंस जियो के आने के बाद बाकी कंपनियां भी प्रभावित हुई हैं। बता दें टाटा टेलीसर्विसेज को 92 लाख सब्सक्राइबर्स का नुकसान उठाना पड़ा है। आंकड़ों की मानें तो हाल में वोडाफोन आइडिया भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी है। जिसके सब्सक्राइबर्स की संख्या कुल 42.76 करोड़ है।
इसके बाद 34.165 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ एयरटेल कंपनी दूसरे नंबर पर है। रिलायंस जियो के आने के बाद सभी टेलिकॉम कंपनियों ने अपनी कई योजनाओं और प्लान्स को पेश किया है। अब देखना यह है कि यह कंपनियां कैसे अपने आपको उभारती हैं।


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