क्‍यों है मुंबई का टर्मिनल टी 2 दुनिया का सबसे हाईटेक एयरपोर्ट

    मुबंई का छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 यानी टी-2 एयरपोर्ट अपने आप न सिर्फ हाईटेक है बल्‍कि इसमें भारतीय कला के कई नमूने में पेश किए गए हैं। चारों तरफ झुग्‍गी झोपडि़यों के घिरे इस एयरपोर्ट में सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम किए गए हैं। हवाई अड्डे को सरकारी और निजी कंपनियों ने मिलकर तैयार किया है इसे बनाने में 2 का अधिक वक्‍त लगा साथ में जितनी लागत का अनुमान लगाया जा रहा था उससे 25 फीसदी अधिक रकम खर्च करनी पड़ी।

    जीवीके ग्रुप की देखरेख में तैयार किए टी 2 टर्मिनल का उद्घाटन 15 जनवरी को 15 जनवरी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा किया गया था। एयरपोर्ट की छत को मोर के पंखों की तरह डिजाइन किया गया है साथ ही इसे दुनियां के सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्टों की लिस्‍ट में शामिल कर लिया गया है। अंग्रेजी के X आकार की तरह डिजाइन किए गए नए टी 2 में कई ऐसी खूबियां है जो दुनियां के कई दूसरे एयरपोर्टों में नहीं हैं। आईए जानते हैं कुछ रोचक तथ्‍य

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    टी 2 एयरपोर्ट को बनाने में कुल 12,500 करोड़ रुपए का कुल खर्च आया, नए एयरपोर्ट में 100 से ज्‍यादा प्‍लेन पार्क किए जा सकते हैं साथ ही इसमें हर साल 4 करोड़ पैसेंजर की आवाजारी होगी।

    टी 2 टर्मिनल 39 हजार स्‍क्‍वायर मीटर एरिया में फैला हुआ है जिसमें मल्‍टीलेवन कार पार्किंग, गार्डन भी है।

    मुंबई के पुराने टर्मिनल में कुल 80 इमिग्रेशन काउंटर थे जबकि नए टी 2 में 140 इमिग्रेशन काउंटर बनाए गए हैं जिससे काउंटरों में कम भीड़ भाड़ हो।

    टी 2 टर्मिनल में देश का सबसे बड़ा कार पार्किंग एरिया दिया गया है इसके लिए 9 मंजिल की इमारत बनाई गई है।

    मुंबई के नए टर्मिनल 2 में यात्रियों के आने-जाने के लिए कुल 37 ट्रैवेलेटर्स, 48 एस्केलेटर्स और 72 लिफ्ट लगी हुईं हैं।

    टी2 में सुरक्षा के मद्देनजर 2300 सीसीटीवी कैमरे,  4100 पब्‍लिक स्‍पीकर और फायर अलार्म लगे हुए हैं इसके लिए एयरपोर्ट पर कुल 400 किलोमीटर केबल वॉयर का प्रयोग किया गया है।

    नया टी 2 एयरपोर्ट 1400 एकड़ एरिया में बना हुआ है, यानी 27 फुटबॉल के स्‍टेडियम के बराबर इसमें ग्रेनाइट प्रयोग किया गया है। एयरपोर्ट को बनाने में करीब 1800 मिट्रिक टन स्‍टील लगा है।

    एयरपोर्ट में 21,000 स्‍क्‍वॉयर एरिया रीटेल शापिंग के लिए है जहां पर यात्री अपनी मनपसंद चीजें खरीद सकते हैं।

    एयरपोर्ट को बनाने में करीब 20,000 कर्मचारियों ने काम किया साथ ही इसे बनाने में 32 देशों की 100 कंपनियों की सेवा ली गईं

    3 किलोमीटर लबें और 3 मंजिले ऊंचे एयरपोर्ट में भारत के करीब 7000 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया है। आकार के हिसाब से ये भारत के सबसे बड़े प्रोजेक्‍टों में से एक है।


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