2 इंजीनियर छात्रों ने बनाया 'Smart wash basin', पानी की होगी काफी बचत
पानी हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा है। पानी के बीना हम अपने जीवन की कल्पना भी नही कर सकते हैं, इसलिए हमें सिखाया जाता है कि हमेशा पानी को बचाएं। दुनिया में ऐसे कई देश हैं जहां पीने तक के लिए पानी नहीं है जिसकी वजह से लोग अपनी जान गवां रहे हैं। हालांकि हमारे समाज में बहुत सारे पानी बचाओ अभियान चलाए जाते हैं लेकिन इसका परिणाम कुछ खास दिखाई नही दे रहा है। ऐसे में हमें क्या करना चाहिए...?

हमें पानी बचाने का अभियान सबसे पहले अपने घर से शुरू करना चाहिए। हमें देखना होगा कि किस तरह पानी को बचा सकते हैं या किस तरह इस्तेमाल किए गए पानी को दोबारा इस्तेमाल में ला सकते हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रहने वाले इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन के 2 छात्रों ने कमाल कर दिखाया है। इन छात्रों ने 'Smart wash basin' को तैयार किया है, जिससे काफी हद तक पानी बचाया जा सकता है। इन छात्रों ने अपनी टीम का नाम Water Cops रखा है। इस Smart wash basin' की खास बात यह है कि अगर आप गलती से अपना नल खुला छोड़कर भुल जाते हैं तो यह आपके मोबाइल पर मेसेज भेजकर आपको अलर्ट कर देगा। अगर कहीं भी लीकेज होती है तो आपके इस सिस्टम में लाइट जल जाएगी, जिससे आप आसानी से जान पाएंगे कि कहां से लीकेज हो रही है।
मुरादाबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर, क्षीतिज सिंघल ने बताया कि यह सिस्टम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हम हमेशा देखते हैं कि सरकारी दफ्तरों या सार्वजनिक जगहों में बेसिन लगे होते हैं, जहां अक्सर पानी लीक हो रहा होता है। बेसिन को पानी के नियमित इस्तेमाल करने के चलते बनाया गया है। ऐसे मेें बेसिन में पानी की लीकेज होती है तो इस प्रोजेक्ट से जल्दी पता लगाकर उसे ठीक किया जा सकता है।
प्रोजेक्ट को तैयार करने वाले एक छात्र ने यह भी बताया कि जो पानी हम वॉश बेसिन में इस्तेमाल करते हैं, वह दोबारा इस्तेमाल नही हो पाता है। जबकि पानी को 3 तरीकों से फिल्टर करके दोबारा इस्तेमाल में ला सकते हैं। छात्र ने बताया कि हम दुसरे चरण पर पहुंच चुके हैं। वॉश बेसिन से निकलते पानी को हम ग्रे वॉटर भी कहते हैं। जिसे रिसाइकल करके दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सकता है। छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट में सैंड फिल्टर का इस्तेमाल किया है। जिसके बाद क्लोरीनेशन मैथर्ड का इस्तेमाल करके पानी को अच्छे से साफ किया जा सकता है और उसी पानी का बाकी कामों में प्रयोग किया जा सकता है।
बता दें, तैयार किए गए इस मॉडल को मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स के द्वारा चलाए गए 'हैकाथॉन' इवेंट मेें दुसरे पुस्कार से नवाजा गया है। इस प्रोजेक्ट से हम घर में वेस्ट हो रहे पानी को फिल्टर करके दोबारा प्रयोग कर सकते हैं। इस तरह से यह पानी बचाने का एक बहुत अच्छा तरीका है, जिसे लोगों को अपनाना चाहिए।


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