‘2020 सिख रेफरेंडम ऐप’ को हटाने की मांग कर रहे भारतीय

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इंटरनेट का प्रयोग करने वाले काफी लोगों ने ट्विटर पर विवादास्पद '2020 सिख रेफरेंडम ऐप' को तुरंत हटाने की मांग की है। एक यूजर ने लिखा, "मोबाइल ऐप '2020 सिख रेफरेंडम' को करतारपुर, पाकिस्तान में सिखों को टागरेट करने के लिए बनाया गया है। यह खालिस्तान को बढ़ावा देने के लिए है।

 
‘2020 सिख रेफरेंडम ऐप’ को हटाने की मांग कर रहे भारतीय

इस तरह के काम की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। एक अन्य यूजर ने लिखा, "भारत-विरोधी प्रोपेगेंडा 'खालिस्तान' अब गूगल प्ले स्टोर पर है। गूगल प्ले अपने प्लेटफॉर्म पर कट्टरपंथी सोच को कैसे अनुमति दे सकता है? यह '2020 सिख रेफरेंडम ऐप' भारत के खिलाफ खालिस्तान के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा है और पाकिस्तानी इस एप्लिकेशन को संचालित कर रहे हैं।

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यह ऐप अभी तक 1,000 से अधिक डाउनलोड हो चुकी है। इसे अमेरिका आधारित समूह सिख फॉर जस्टिस द्वारा शुरू किए गए एक ऑनलाइन अलगाववादी अभियान के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अपने अधिकारियों को इस मामले को उचित तरीके से उठाने का निर्देश दिया और प्रौद्योगिकी कंपनी को इसे हटाने के लिए कहा। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से भी गुजारिश की है कि वह तुरंत कंपनी को इस ऐप को हटाने का निर्देश दें।

गूगल ने पहले भी किया था ऐसा

आपको बता दें कि 17 जुलाई 2019 को भारत सरकार ने भारत विरोध गतिविधियों को चलाने की वजह से 'सिक्ख फॉर जस्टिस' संगठन को बैन कर दिया था। गूगल ने इस ऐप को अपने प्लेटफॉर्म में जगह दी, इसके लिए गूगल को भारत सरकार से एक बार फिर नसीहत मिली है। आपको बता दें कि गूगल को पहले भी भारत सरकार की तरफ से ऐसे भारत विरोधी ऐप को गूगल प्ले स्टोर पर जगह देने पर फटकार मिल चुकी है।

 

आप जानकर दंग रह जाएंगे कि गूगल ने जिस ऐप को अपने प्ले स्टोर पर जगह दी थी उसका नाम "होली वार अगेंस्ट इंडिया" (Holy War Against India) था। इस ऐप के नाम से ही आपको समझ में आ रहा होगा कि इसका कंटेंट कैसा होगा और इसको किस काम के लिए बनाया गया होगा। इस ऐप में एक किताब 'ग़जवा-ए-हिंद' का अंग्रेजी अनुवाद मिलता था। 'ग़जवा-ए-हिंद' का अंग्रेजी में अनुवाद करने के लिए लोग इस ऐप को डाउनलोड करते थे।

उस ऐप के बारे में भी कहा जा रहा था कि वो इस्लाम से जुड़ा हुआ है और दावा किया जा रहा है कि एक दिन आएगा जब भारत पर इस्लामिक सेनाएं का पूरी तरह कब्जा होगा। इस ऐप को भारत सरकार ने हटाया था और गूगल को इसके लिए फटकार भी लगाई थी। अब इस बार फिर गूगल ने ऐसा ही कुछ काम किया है।

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English summary
Many people who use the internet have demanded the immediate removal of the controversial '2020 Sikh Referendum App' on Twitter. One user wrote, "The mobile app '2020 Sikh Referendum' has been created to target Sikhs in Kartarpur, Pakistan. This is to promote Khalistan.

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