मशीन से बनाए गए हैं ये कान
आधुनिक युग में हर क्षेत्र में 3-डी तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है। अब इसी के तहत, अमेरिका के शोधकर्ता 3-डी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बच्चों का रिब कार्टिलेज का मॉडल बनाने में जुटे हैं।
इन वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि नवीन पदार्थों से बने इस मॉडल का उपयोग कान बनाने में किया जा सकेगा। शोधकर्ता एंजेलिक की माने तो आने वाले समय में इस तकनीक से लाभ हो सकेगा, अभी इसपर अनुसंधान किया जा रहा है।
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वाशिंगटन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की माने तो रिब कार्टिलेज की सहायता से ऐसे बच्चों के नये कान बनाए जा सकेंगे जिनके कान नहीं हैं या फिर कान पूरी तरह विकसित नहीं हुए हैं। वैज्ञानिक फिलहाल इसे कार्यरूप देने के लिए उपयुक्त पदार्थ नहीं खोज पाएं हैं। उनको सूअर अथवा शवों के रिव लेने का परामर्श मिला है किंतु उनकी समानता व आकार पर संदेह की स्थिति
बनी हुई है। आपको बताते चलें कि वैज्ञानिकों द्वारा यह भी दावा किया जा रहा है कि उन्होंने 3-डी तकनीक से ‘मिनी ब्रेंस' यानि लघु मस्तिष्क तकनीक विकसित कर ली है। इस तकनीक का उपयोग दवा के प्रयोग, न्यूरल टिश्यू ट्रांसप्लांट यानि स्नायु ऊत्तक प्रत्यारोपण व स्टेम सेल की कार्यप्रणाली को जानने में किया जा सकेगा। सोचने-समझने की पाॅवर न रखने वाली मिनी ब्रेंस इलेक्ट्रिकल इशारे देने में माहिर होगी।


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