3डी तकनीक से बची नवजात की जान
मनुष्य जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में तकनीक मददगार साबित होती जा रही है। इसी का एक नमूना तब सामने आया जबकि अमेरिकी डॉक्टरों द्वारा 3डी तकनीक से एक नवजात को जीवनदान मिला। हुआ यूं कि 30 सप्ताह की गर्भवती मिशिगन निवासी मेगन थॉमप्सन के भ्रूण के चेहरे पर जानलेवा गांठ का इस तकनीक से पता लगाया गया और फिर सुरक्षित डिलीवरी करवाई गई।

आपको बता दें कि शिशु के जन्म के बाद इस गांठ से उसे श्वास लेने में गंभीर कठिनाई का सामना करना पड़ता। मिशिगन विश्र्वविद्यालय के शिशु अस्पताल में मेगन को रखा गया। डाॅक्टरो द्वारा भ्रूण का खास ढंग से एमआरआइ हुआ व 3डी प्रिंटर से गर्भ में पल रहे भ्रूण के चेहरे का मॉडल तैयार किया गया ताकि गांठ के सही स्थान का पता चल सके।
डाॅक्टरों द्वारा जब मॉडल को देखा गया तो उन्होंने पाया कि गांठ उतनी खतरनाक नहीं है जितनी कि एमआरआइ अथवा अल्ट्रासाउंड के फोटोज़ में दिख रही थी। अनुसंधानाकर्ता ग्लेन ग्रीन ने कहा कि यह प्रथम केस है जब 3डी तकनीक से वास्तविक खतरे के बारे में सही जानकारी मिल सकी है।
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