तीसरी पास वेल्डर 'सागर' ने बनाया 'हेलीकॉप्टर पवन पुत्र'..!
असम के धेमाजी जिले में एक बड़ा ही मेहनती व्यक्ति रहता है। यह व्यक्ति केवल तीसरी पास है और ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं होने के कारण वह वेल्डिंग का काम करता है। वह अपने काम से बेहद खुश है और उसे पूरी रुचि, लगन व मेहनत के साथ करता है। यही कारण है कि उसने अपनी इस आम जिंदगी में एक बड़ा ही दिलचस्प सपना देखा, वह सपना था एक हेलीकॉप्टर बनाने का। उसने जब ये बात अपने दोस्तों को बताई तो वे हंस पड़े। लेकिन हंसी में उड़ गए इस सपने को उस व्यक्ति ने सच करने की ठान ली थी। किसी को यह अंदाजा भी नहीं होगा कि तीसरी पास इस शख्स ने वो सपना आज अपनी पत्नी की मदद से पूरा कर लिया है।

ये एक प्यारी सी कहानी है सागर प्रसाद और उसकी पत्नी जॉनी मयंक की। सागर ने अपना यह सपना पिछले तीन साल में पूरा किया है। सागर बताते हैं कि इस सपने को पूरा करने में उनकी पत्नी ने उन्हें काफी मदद की है।

वह दोनों ही एक कमरे में इस मिशन को पूरा करने लगे थे। इस काम के लिए उन्होंने लोकल टेक्नोलॉजी की मदद भी ली। जब हेलीकॉप्टर बनाने का 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया था, तब जाकर सागर ने उसे सबके सामने पेश किया।

सागर ने बताया कि उनके दोस्तों को इस बात पर बिलकुल भी भरोसा नहीं हुआ था। सागर ने अपने इस सपने को पूरा करने में अब तक 10 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं।सागर बताते हैं कि इस काम में उनके दोस्त तूपान गिमेरे ने उनकी आर्थिक रूप से बहुत मदद की। यदि उन्हें यह मदद नहीं मिलती तो शायद यह सपना कभी पूरा नहीं होता। लेकिन कहते हैं न हौंसले बुलन्द हों तो बड़ी से बड़ी चुनौती भी आपके आगे घुटने टेक देती है।
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