चीन ही नहीं, पूरी दुनिया देख रही है आपके फोन में मौजूद निजी जानकारी
पूर्व गृह सचिव राजीव महार्षि ने संसद की एक समिति में बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) इंडियन स्मार्टफोन यूजर्स के डाटा की जासूसी कर रही है। रिपोर्ट में बताया गया कि स्मार्टफोन के जरिए करीब 40 फीसदी यूजर्स का निजी डेटा पूरी दुनिया के साथ शेयर किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर कहा जा सकता है कि ये देश के लिए काफी बड़ा खतरा है और आधार कार्ड को अलग-अलग सर्विसेज से जोड़ने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

40 फीसदी यूजर्स हर रोज शेयर कर रहे हैं निजी जानकारी-
रिपोर्ट में बताया गया कि करीब 40 परसेंट इंडियन स्मार्टफोन यूजर्स का निजी डेटा यूएस समेत पूरी दुनिया के साथ शेयर किया जा रहा है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि CIA की नजर भारतीय यूजर्स के डेटा पर है और ये एजेंसी यूजर्स की जासूसी कर रही है।
कैसे शेयर होती है जानकारी-
संसद में राजीव महर्षि ने बताया कि स्मार्टफोन यूजर्स जाने-अनजाने में अपनी निजी जानकारी दूसरों के साथ शेयर कर देते हैं। कई बार यूजर्स स्पाई एप्स के जरिए खुद ही अपना डेटा लीक करा देते हैं। महर्षि ने इस तरह के ऐप्स के अलावा फिंगरप्रिंट और बायोमैट्रिक डाटा को भी कैप्चर को लेकर को लेकर भी चिंता जताई।
30 कंपनियों को भेजा नोटिस-
बता दें कि सरकार ने कुछ समय पहले चीन की मोबाइल निर्माता कंपनी वीवो, ओप्पो, शाओमी और जियोनी को नोटिस भेजा था। सरकार ने ऐसा इसीलिए किया था क्योंकि कुछ मुख्य कंपनियों के स्तर पर यूजर्स की निजी जानकारी (मैसेज, लोकेशन और कॉन्टैक्ट लिस्ट आदि) चोरी होने की आशंका जताई जा रही थी। रिपोर्ट में ये भी सामने आया था कि जानकारियों को दूसरी कंपनियों को बेचा भी जा रही हैं।
नोटिस के जवाब के लिए विदेशी कंपनियों ने मांगा समय-
एक आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, 12 कंपनियां जिनमें एचटीसी, शाओमी, वीवो, लेनोवो और हुआवे शामिल हैं, ने सरकार के नोटिस का जवाब दिया है। कुंछ कंपनियों ने इस नोटिस के जवाब के लिए सरकार से अतिरिक्त समय की मांग की है। अधिकारियों के मुताबिक सरकार जवाब पाने के लिए इस समयसीमा को बढ़ा सकती है।


Click it and Unblock the Notifications








