31 अक्टूबर तक पोर्ट नहीं कराया तो बंद हो जाएगा 7 करोड़ लोगों का फोन नंबर

दरअसल, 2016 में जियो कंपनी ने मार्केट में अपनी सिम सर्विस को शुरू करके पूरे टेलिकॉम जगत को बदलकर रख दिया है। जियो कंपनी ने काफी सस्ते रेट में कॉलिंग और इंटरनेट को उपलब्ध कराकर भारत के तमाम यूज़र्स को अपनी तरफ आकर्षित किया। जियो का असर भारत के अन्य टेलिकॉम कंपनियों पर भी पड़ा। भारत की पुरानी और प्रसिद्ध एयरेटल, वोडाफोन जैसी टेलिकॉम कंपनियां ने तो अपने कॉल रेट्स को भी मजबूरन सस्ता करके मार्केट में बने रहने की कोशिश की।
क्यों बंद होगा नंबर
हालांकि कुछ कंपनियां इसकी वजह से बंद हो गई। इन कंपनियों में से एक कंपनी का नाम एयरसेल है। एयरसेल कंपनी को भी इसी वहज से बंद करना पड़ा था। एयरसेल कंपनी ने अपने ग्राहकों के लिए साल 2018 में अपनी सेवाओं को बंद करने के बाद ट्राई से कहा था कि वो उनके ग्राहकों के लिए एक यूनिक पोर्टिंग कोड्स जारी करें। ट्राई ने एयरसेल की गुजारिश पर एक यूनिक पोर्टिंग कोड्स को जारी कर दिया था। इसकी वजह से इतने दिनों तक एयरसेल कंपनी के ग्राहक अपना नंबर पोर्ट कराए बिना भी अपना नंबर यूज़ कर पा रहे थे।

उस वक्त एयरसेल के पास करीब 9 करोड़ ग्राहक थे अब करीब 7 करोड़ हैं। अब उन 7 करोड़ यानि 70 मिलियन ग्राहकों को ट्राई ने 31 अक्टूबर तक अपने नंबर को किसी दूसरे नंबर पर पोर्ट कराने के लिए कहा है और कहा है कि अगर नहीं किया तो उसके बाद इन सभी नंबर को बंद कर दिया जाएगा और उसके बाद वो नंबर दोबारा कभी एक्टिवेट भी नहीं हो पाएंगे।
कैसे कराएं नंबर पोर्ट
आपको बता दें कि जिस वक्त एयरसेल कंपनी बंद हुई थी उस वक्त कंपनी ने अपने ग्राहकों को अपने वेबसाइट के जरिए यूपीसी जेनरेट करने की सुविधा दी थी। अब वेबसाइट काम नहीं कर रही है इसलिए नंबर पोर्ट कराने के लिए यूज़र्स को यूपीसी कोड मैनुअली जेनरेट करना पड़ेगा। इसके लिए आप खुद अपना पसंदीदा नेटवर्क चुनें और मैसेज में जाकर PORT टाइप करें, उसके बाद अपना एयरसेल का मोबाइल नंबर टाइप करें और उसे 1900 पर भेज दें।
मैसेज भेजने के बाद के कुछ देर बाद ही आपके पास एक यूपीसी कोड आएगा। उसके बाद आप जिस भी टेलिकॉम ऑपरेटर से जुड़ना चाहते हैं उसके स्टोर पर जाएं और यूपीसी कोड के जरिए अपना नंबर दूसरे नेटवर्क में पोर्ट करवाएं। आपको बता दें कि इस पूरी प्रक्रिया में आपको 7-10 दिन का वक्त लग सकता है।


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