7.5 लाख किलोमीटर तार से अब हर गांव में होगा ब्रॉडबैंड

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    संचार और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि देश के हर एक गांव में ब्रॉडबैंड मुहैया कराने के लिए अगले साढ़े तीन वर्षों के दौरान साढ़े सात लाख किमी केबल बिछाये जाने का प्रस्ताव है। मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी एक बयान में दी। प्रसाद ने कहा, "परियोजना का मकसद आम लोगों का डिजिटल सशक्तीकरण है। यह क्रांतिकारी होगा।

    बयान के मुताबिक शनिवार को प्रथम माईगव संवाद कार्यक्रम में डिजिटल भारत परियोजना पर राय देने वालों से बातचीत करने के दौरान प्रसाद ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों को जिन विभिन्न प्रमाण पत्रों की जरूरत होती है, वह उन्हें उनके गांवों में ही उन तक पहुंच सकता है। इंटरनेट के जरिए उन्हें और कई अन्य व्यवहारिक लाभ उपलब्ध हो सकते हैं।

    7.5 लाख किलोमीटर तार से अब हर गांव में होगा ब्रॉडबैंड

    माईगव वेबसाइट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को लांच किया था। इस पर आम आदमी अपनी राय भेज सकता है। बयान के मुताबिक कुल 40 सुझावों में से सर्वोत्तम 20 सुझाव देने वालों को मंत्री ने सम्मानित भी किया। प्रसाद ने कहा कि प्रौद्योगिकी ताकत से आम आदमी को परिचित कराने की जरूरत है। मंत्री ने कहा कि देश में इंटरनेट उपयोग करने वालों की संख्या करीब 30 करोड़ है।

    यह संख्या अमेरिका से भी आगे बढ़ने वाली है, जो इस मामले में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। प्रसाद ने कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण को भी बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि शहरी भारत में मोबाइल कनेक्टिविटी 146 प्रतिशत है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह केवल लगभग 46 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि शहरों और गांवों के बीच इतनी बड़ी खाई को पाटे जाने की जरूरत है। इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में सचिव रामसेवक शर्मा और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी विचार विमर्श में भाग लिया।

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