2020 तक खत्म हो जाएगा भारत में चाइनीज मोबाइल का व्यापार ?
भारतीय मोबाइल मार्केट में इस समय चीनी स्मार्टफोन कंपनियां हावी हैं। विदेशी कंपनिया, जिनमें चाइनीज, कोरियाई कंपनियां प्रमुखता से शामिल हैं, हर यूजर के बजट को ध्यान रखते हुए हैंडसेट पेश कर रही हैं। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि 2020 तक भारत में बिकने वाले 96 फीसदी स्वदेशी मोबाइल होंगे। हाल ही में सामने आई रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत घरेलू मार्केट में उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार है।

Enixta की रिपोर्ट में दावा-
Enixta नामक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी और इंटरनेट-मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने 'भारतीय मोबाइल फोन बाजार: भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का सपना पूरा करने के लिए उभरते अवसर' (Indian Mobile Phone market: Emerging Opportunities for fulfilling India's Digital Economy Dream) नाम से एक रिपोर्ट पेश की है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था का लगभग 25% वास्तव में डिजिटल अर्थव्यवस्था-
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी डॉक्टर अजय कुमार ने इस रिपोर्ट के लॉन्च पर कहा कि अगले 5 से 10 वर्षों में, वैश्विक अर्थव्यवस्था का लगभग 25% डिजिटल अर्थव्यवस्था द्वारा निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंटरनेट सेक्टर भारत में सबसे बड़ा अवसर है और इसमें आईटी इंडस्ट्री बड़ी इंडस्ट्री बनने की क्षमता थी।
स्मार्टफोन मेनुफेक्चरिंग इंडस्ट्री होगी 1,20,200 करोड़ की-
बता दें कि यूजर्स की संख्या के आधार पर भारतीय स्मार्टफोन मार्केट इस समय दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल हैंडसेट मार्केट है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ सालों में ये विश्व की सबसे बड़ी मार्केट बनकर उभरेगी। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि वित्तीय साल 2019-2020 तक स्मार्टफोन मेनुफेक्चरिंग इंडस्ट्री 1,20,200 करोड़ तक पहुंच जाएगी। साल 201 9 -20 में घरेलू स्मार्टफोन मेनुफेक्चरिंग इंडस्ट्री का आकार 1,35,000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2016-17 में 94,000 रुपए है।
इंडिया में ही बनेंगे फोन कंपोनेंट और एक्सेसरीज-
रिपोर्ट में कहा गया कि आने वाले समय में मोबाइल फोन कंपोनेंट और एक्सेसरीज जैसे, बैटरी पैक, गैर-इलेक्ट्रॉनिक भागों, सहायक उपकरण, पैकेजिंग को घरेलू मार्केट में ही तैयार किया जा सकेगा। हालांकि मुख्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। बता दें कि इस रिपोर्ट को भारतीय स्मार्टफोन मार्केट और ग्राहकों की जरूरत और आवेदन स्थानीय मूल्य में वृद्धि बढ़ाने की बड़ी संभावना दिखाता है।
मेनुफेक्चर की लिमिटेड केपेबिलिटी-
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में मोबाइल फोन की मांग काफी हद तक आयात के जरिए पूरी होती है। भारत में ज्यादातर घरेलू मोबाइल फोन उत्पादन सेमी नोक्ड डाउन किट को असेंबल करके बेचते हैं। लोकल वेल्यू एडिशन का निम्न स्तर कमजोर मेनूफेक्चरिंग इको सिस्टम की वजह से है, जो कई चरणों में मेनुफेक्चर की लिमिटेड केपेबिलिटी चेन की वजह से निर्मित होता है।


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