Tik-Tok वीडियो बनाने के दौरान सोहेल ने सलमान को मारी गोली, आमिर गिरफ्तार
TikTok के बारे में रोजाना कोई ना कोई ख़बर सामने आ रही है। पिछले कुछ महीनों से टिकटोक के बुरे प्रभावों के बारे में बातें हो रही है। अब देश की राजधानी दिल्ली से इस ऐप की वजह से होने वाली एक दुखदायी घटना सामने आई है। दिल्ली में कुछ दोस्त टिकटोक के लिए असली पिस्तौल की मदद से वीडियो बना रहे थे। इस क्रम में पिस्तौल से गोली चल गई और एक लड़के की मौत हो गई।

TikTok वीडियो बनाने में मौत
पुलिस ने इस पूरी घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में रहने वाले तीन लड़के सलमान, सोहेल और आमिर शनिवार की रात कार से इंडिया गेट घुमने गए थे। तीनों दोस्त इंडिया गेट से लौटते वक्त बाराखंभा रोड के पास मोबाइल से टिकटोक वीडियो बना रहे थे। सलमान कार चला रहा था और उसके बगल वाली सीट पर सोहेल बैठा हुआ था। जबकि कार की पीछे वाली सीट पर आमिर बैठा हुआ था। इसी बीच इन लड़कों को टिकटोक वीडियो बनाने का आइडिया दिमाग में आया। सोहेल ने वीडियो को आकर्षित बनाने के लिए एक देसी पिस्तौल निकाली और अपने दोस्त सलमान की तरफ तान दी। वीडियो में सोहेल को सलमान के गाल पर पिस्तौल सटानी थी और आमिर पीछे बैठकर इस वीडियो को बनाने लगा। इस दौरान सोहेल के हाथ से गोली चल गई और वो सलमान के बाएं गाल पर लगी।
तीन लोग गिरफ्तार
इसके बाद पूरी गाड़ी में खून फैल गया। सोहेल और आमिर परेशान हो गए। दोनों घबराकर सबसे पहले दरियागंज में रहने वाले सोहेल के रिश्तेदार के घर गए। वहां उन्होंने खून से सने कपड़ों को बदला और फिर सलमान को लेकर पास के एलएनजीपी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने सलमान को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद बाराखंभा रोड पुलिस ने इन लड़कों के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज करते हुए सोहेल, आमिर और एक अन्य व्यक्ति शरीफ को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक शरीफ पर आरोप है कि उसने घटना के बाद सबूतों को छिपाने की कोशिश की है।
इस घटना के बारे में जानने के बाद आप सोच सकते हैं कि सिर्फ टिकटोक की एक वीडियो को आकर्षित बनाने की वजह से एक व्यक्ति की जान चली गई। अभी तक टिकटोक को अश्लील कंटेंट की वजह से बुरा माना जा रहा था और कई लोग इसे बैन करने की अपील भी कर चुके हैं, लेकिन इस घटना के बाद साफ है कि आजकल हमारे युवा और टीनऐजर लड़के-लड़कियां इन ऐप के जरिए लोकप्रिय होने के लिए कुछ भी करने से गुरेज नहीं करते हैं। ऐसी गलत हरकतें करने का आइडिया इन्हें टिकटोक पर ही दूसरों की वीडियो को देखकर आते हैं।
अभिभावकों को देना पड़ेगा बच्चों पर ध्यान
आजकल माता-पिता या अभिभावक बच्चों को एक पर्सनल स्मार्टफोन दे देते हैं। उसके बाद अभिभावकों के पास इतना वक्त नहीं होता कि वे अपने बच्चों पर निगरानी कर सकें। दूसरी तरफ बच्चे और 17-20 वर्षीय बच्चों इंटरनेट और ऐसे ऐप्स के जरिए दुनियाभर की कई अच्छी-बुरी चीजें देखते हैं। इन अच्छी-बुरी चीजों की पहचान करना ज्यादातर बच्चों के लिए मुश्किल होता है और इसलिए वो गलत चीजों की तरफ आसानी से आकर्षित हो जाते हैं, जिसका परिणाम बाद में काफी बुरा हो जाता है।
ऐसे में सरकार और कोर्ट के आदेश के बावजूद हर माता-पिता और अभिभावकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनके बच्चों कई घर बैठे स्मार्टफोन और इंटरनेट के जरिए गलत रास्ते पर तो नहीं जा रहे हैं। जबतक माता-पिता खुद अपने बच्चों का इन चीजों से ख्याल नहीं रखेंगे तबतक ऐसे ऐप्स और इंटरनेट के बुरे प्रभाव से बच्चों को बचाना काफी मुश्किल है।


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