रैनसमवेयर के पीछे किसका हाथ, जानना चाहेंगे कौन हुआ गिरफ्तार?

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    पिछले कुछ दिनों से भारत समेत कई देशों में वॉनाक्राई रैनसमवेयर, जूडी जैसे मालवेयर का खतरा मंडरा रहा है। इस मालवेयर से प्रभावित सिस्टम के जरिए लोगों से कई लाखों डॉलर की फिरौती मांगी जा रही है। जिस कंप्यूटर पर रैनसमवेयर हमला हुआ उन्होंने काम करना बंद कर दिया है। इन कंप्यूटर को फिर से शुरू करने के लिए 300-600 डॉलर की मांग की जा रही है।

    रैनसमवेयर के पीछे किसका हाथ, जानना चाहेंगे कौन हुआ गिरफ्तार?

    रिपोर्ट्स की मानें तो ब्रिटेन, अमेरिका, चीन, रूस, स्पेन, इटली और वियतनाम समेत कई अन्य देशों में भी रैनसमवेयर का हमला हुआ है। अब तक करीब 36 हजार मामलों का पता चला है। कहा जा रहा है कि इस हमले में हैकर्स ने अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर इतने बड़े लेवल पर यह हमला किया है।

    रैनसमवेयर के हमलों में लोगों से फिरौती मांगी जाती है, और उनके कंप्यूटर डाटा पर कब्जा कर लिया जाता है। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि इस तरह के एक मामले में जापान से एक 14 साल के बच्चे को गिरफ्तार किया गया है। जापान टाइम की रिपोर्ट के नुसार फिलहाल पुलिस ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।

    रैनसमवेयर के पीछे किसका हाथ, जानना चाहेंगे कौन हुआ गिरफ्तार?

    कबूला जुर्म
    इस बच्चे ने यह रैनसमवेयर एक फ्री एन्क्रिप्टेड सॉफ्टवेयर के जरिए बनाया है। बच्चे ने इस बात को काबुल भी किया है कि उसमें 6 जनवरी को इस रैनसमवेयर को बनाया और इसका कंप्यूटर अप्रैल में एक हाउस सर्च के दौरान सीज़ कर दिया गया था।

    तीन दिन में बनाया रैनसमवेयर
    बच्चे को यह रैनसमवेयर बनाने में तीन दिन का समय लगा। उसने इस रैनसमवेयर को वेबसाइट्स पर अपलोड किया और उन्हें सोशल मीडिया के जरिए प्रमोट भी किया। उसने लोगों को यह सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने के लिए भी कहा। इस हैकिंग टूल को 100 से अधिक बार डाउनलोड किया गया है।

    अन्य लोगों का कंप्यूटर किया एन्क्रिप्ट
    बच्चे के बनाए गए इस रैनसमवेयर की मदद से लोगों ने अन्य लोगों का कंप्यूटर एन्क्रिप्ट किया और डिजिटल करेंसी में फिरौती की मांग की।

    English summary
    A kid has been arrested for creating ransomware. Read more detail in Hindi.
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