सावधान : फिर लौटा रैनसमवेयर, भारत सहित कई देशों को बनाया निशाना
ऐंटीवायरस सॉफ्टवेयर्स प्रोवाइड करने वाली कंपनी ने भी पीटरैप रैनसमवेयर अटैक की पुष्टि की है। फिलहाल कंपनियां इससे बचाव में लगी हैं।
पिछले कुछ महीनों में भारत समेत दुनिया के कई देशों में सायबर अटैक हुए। इनमें से वॉना क्राई ने भारत समेत पूरी दुनिया को अपने आतंक से प्रभावित किया था। वॉना क्राई के बाद पूरी दुनिया पर पीटरैप रैनसमवेयर ने निशाना बनाया है। यूक्रेन से शुरू हुआ ये सायबर अटैक धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल गया, जिसमें भारत भी शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार रात को इस हमले के बारे में प्रभावित कंपनियों को जानकारी मिली। ऐंटीवायरस सॉफ्टवेयर्स प्रोवाइड करने वाली कंपनी ने भी इस हमले की पुष्टि की है।
बीती रात अचानक ही पीटरैप नामक रैनसमवेयर ने यूके, रूस, फ्रांस, स्पेन जैसे देशों में कंज्यूमर, शिपिंग, एविएशन, ऑइल और गैस जैसी कंपनियों को अपना शिकार बना लिया। इस हमले के बाद कई कंपनियों का काम पूरी तरह ठप्प हो गया। वहीं इस हमले से भारत भी नहीं बच सका और पीटरैप रैनसमवेयर ने मुंबई में स्थित जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट पर भी अटैक किया। इस हमले की वजह से मंगलवार रात पोर्ट ट्रस्ट के तीन में से एक टर्मिनल पर काम नहीं हो सका।

इसके अलावा जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट पर गेटवे टर्मिनल्स इंडिया को ऑपरेट करने वाली एपी मोलर मर्सेक कंपनी भी इस अटैक की वजह से पूरी तरह से बंद रही। यह कंपनी पोर्ट पर करीब दो करोड़ कंटेनर्स को हैंडल करती है। पोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कंपनी इस हमले से निबटने और भविष्य में इस तरह के हमले से बचने की तैयारी कर रही है।
रिपोर्ट्स आ रही हैं कि कई कंपनियों ने सायबर अटैक की पुष्टि की है। खबरें ये भी आ रही हैं कि पीटरैप को पीएट्जा नाम के पुराने रैनसमवेयर का अडवांस वर्जन है। बता दें कि पीएट्जा ने 20 नामी कंपनियों पर अटैक कर उनकी कंप्यूटर स्क्रीन को लॉक कर दिया था और उन्हें अनलॉक करने के बदले इस 300 डॉलर की मांग की गई थी।


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