Whatsapp और Skype से जुड़ी एक खास ख़बर
हमारे स्मार्टफोन्स को और भी स्मार्ट बनाने के लिए कई ऐप्स को डेवलप किया गया है। जिससे हम अपने करीबियों और रिश्तेदारों से जुड़ सकते हैं। पहले के जमाने में लोगों को फोन पर बात करने की सुविधा भी बड़ी मुश्किल से मिल पाती थी या नहीं भी मिल पाती थी। वहीं आज के समय में हमारे पास WhatsApp और Skype जैसे ऐप्स हैं। जिनकी मदद से हम चैटिंग के साथ-साथ एक दूसरे को देख भी सकते हैं। यानि वीडियो कॉलिंग भी कर सकते हैं। ये दोंनों ही प्लेटफॉर्म काफी पॉपुलर हैं। लोग इसका इस्तेमाल हर दिन करते हैं।

फिलहाल इन दोनों ही ऐप्स को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। बता दें, TRAI मैसेजिंग एप व्हॉट्सएप व Skype को रेगुलेट करने पर विचार कर रहा है। ट्राई का कहना है क्या इकॉनमी और सिक्योरिटी मैटर की वजह से कम्युनिकेशन ऐप्स जैसे की WhatsApp, Skype और Viber को रेगुलेट करना चाहिए? हालांकि इस विचार को लेकर सभी ऐप्स विरोध प्रकट कर रही है।
एक रिपोर्ट के अनुसार ट्राई का मानना है कि नेट न्यूट्रैलिटी का विरोध करने वाले इन मैसेजिंग एप्स को रेगुलेट किया जाना चाहिए। इस संबंध में विचार करने के लिए द टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ( ट्राई) ने सोमवार को इंडस्ट्री व्यूज को इनवाइट भी किया था। जिसमें ट्राई ने इंडस्ट्री व्यूज इनवाइट कर पूछा था कि क्या OTT ( अॉवर द टॉप) सर्विस को रेगुलेटरी रेजिम में लाना चाहिए कि नहीं। ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि व्हॉट्सएप का भारत में काफी दुरुपयोग हुआ है। व्हॉट्सएप के चलते भारत में झूठी खबरों को आसानी से फैलने में काफी मदद मिली हैं। जिसके चलते काफी घटनाएं सामने आई हैं।
कोर्ट द्वारा व्हॉट्सएप को चेतावनी भी दी जा चुकी है। ऐसे वक्त में इन ऐप्स को ट्रेस करना काफी मुश्किल होता है। इसलिए, भारत सरकार वक्त-वक्त पर फेसबुक व व्हॉट्सएप जैसे बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऐसा सिस्टम बनाने का निर्देश देती रहती है ताकि फेक न्यूज को रोका जा सके। बता दे, व्हॉट्सएप इसपर काम भी कर रहा है।


Click it and Unblock the Notifications








