रिलायंस जियो को मिला वोडाफ़ोन और एयरटेल का सपोर्ट!
रिलायंस जियो के टेलिकॉम मार्केट में आने से एयरटेल, वोडाफ़ोन जैसी कंपनियों को काफी नुकसान हुआ है। कहा जाता है कि रिलायंस की सालाना बैठक में मुकेश अंबानी के भाषण के शुरू होने के एक घंटे के भीतर एयरटेल और आईडिया ने करीब 13करोड़ का नुकसान झेला था।

साथ ही अन्य टेलिकॉम के कई यूज़र्स रिलायंस जियो में स्विच कर रहे हैं, जिससे उन्हें जियो की मुफ्त सेवाओं का लाभ मिल सके।

जियो के आने के बाद से ही एयरटेल, वोडाफ़ोन समेत कई कंपनियों ने जियो का विरोध किया था। इतना ही नहीं ट्राई से भी जियो के प्रीव्यू ऑफर के बारे में कंप्लेंट की गई थी। लेकिन अब धीरे धीरे कंपनियां अपना सख्त रूप छोड़ती नज़र आ रही हैं।

वोडाफोन इंडिया ने गुरुवार को कहा कि उसने रिलायंस जियो के साथ इंटरकनेक्शन प्वाइंट (पीओआई) को बढ़ाकर तीन गुना करने का फैसला किया है। कंपनी ने यहां एक बयान जारी कर कहा, "वोडाफोन इंडिया हमेशा अन्य ऑपरेटरों की निष्पक्ष, उचित और वैध जरूरतों के लिए पीओआई मुहैया कराती रही है और आगे भी कराती रहेगी।"

बयान में कहा गया, "भारतीय दूरसंचार प्राधिकरण (ट्राई) के मार्गदर्शन और जियो से उसके वाणिज्यिक लांच को मिले स्पष्टीकरण के बाद वोडाफोन इंडिया ने जियो के साथ पीओआई की संख्या तीन गुणा करने का फैसला किया है, ताकि संपर्क की क्षमता में सुधार हो सके। वोडाफोन को उम्मीद है कि उन सभी मुद्दों को जो ट्राई और जियो के समक्ष उठाया गया है, उस पर विधिवत विचार कर उसे जल्द से जल्द सुलझाया जाएगा।"

इससे पहले जियो ने कहा था कि दूसरे ऑपरेटर उसे पर्याप्त कनेक्शन मुहैया नहीं करा रहे हैं, जिसके कारण उसके उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। रिलायंस जियो का औपचारिक लांच 5 सितंबर को हुआ था।


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