लाल चांद देखने के बाद अब लाल ग्रह देखने की बारी, आज रात देखें लाइव स्ट्रीमिंग
अभी कुछ दिनों पहले सदी का सबसे बड़ा चंद्रग्रहण लगा था। जिसे हम ब्लड मून कहते हैं। इस ग्रहण के बारे में मीडिया में काफी चर्चाएं हुई। इसको देखने के लिए विशेष रूप से कुछ ऑनलाइन व्यवस्था भी की गई। कई लोगों ने ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के जरिए भी चंद्रग्रहण को देखा। हमने आपको अपनी एक स्टोरी में बताया था कि कैसे आप ऑनलाइन सबसे बड़े चंद्रग्रहण की लाइव स्ट्र्रीमिंग को देख सकते हैं। आज हम आपको वैसे ही किसी और दृश्य के लाइव स्ट्रीमिंग के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

आज पृथ्वी के करीब होगा मंगल ग्रह
आज यानि 31 जुलाई की रात को मंगल ग्रह पृथ्वी से काफी करीब होगा। आज एक ऐसा संयोग बना है कि धरती के एक तरफ मंगल ग्रह काफी करीब होगा और दूसरी तरफ सूरज होगा। तीनों ही खगोलीय पिंड एक सीधी रेखा में होंगे, लिहाजा हम यह भी कह सकते हैं कि यह घटना मंगल ग्रह का ग्रहण होगी। हालांकि आपको बता दें कि पृथ्वी और मंगल बीते 15 सालों से एक-दूसरे के करीब हैं। एक अनुमान के मुताबिक इन दोनों ग्रहों के बीच की दूरी 57.6 मिलियन किमी होगी। वहीं अक्टूबर 2020 तक पृथ्वी और मंगल के बीच की दूरी सबसे कम होगी।
आपको बता दें कि आज मंगल ग्रह पृथ्वी के काफी करीब है। साल 2003 के 15 साल बाद यह पहला मौका है जब मंगल पृथ्वी के इतने करीब होगा। उस वक्त दोनों ग्रहों की दूरी 56 मिलियन किमी थी। नासा के रिपोर्ट के अनुसार 60,000 साल बाद पृथ्वी और मंगल इतने करीब आए थे और अब साल 2287 में फिर उनते करीब आ सकते हैं।
ऐसा होने का कारण
हमारे बहुत सारे पाठकों के मन में यह सवाल होगा कि आखिर ऐसा क्यों होता है कि पृथ्वी और मंगल करीब आ जाते हैं। दरअसल, हमारे सौर मंडल में बाकी सभी ग्रहों की तरह पृथ्वी और मंगल भी अंडाकार कक्षा में घूमते हैं। ऐसे में जब मंगल ग्रह अपनी कक्षा में घूमते सूर्य के सबसे नजदीक वाले स्थान या बिंदू पर पहुंचता है, तो पेरीहेलिक ऑपोजिशन होता है। ऐसा अक्सर होते रहता है। जैसा कि अभी कुछ दिन पहले 27 जुलाई की रात को भी ऐसा ही हुआ था जब चंद्र ग्रहण लगा था। ऐसी परिस्थिति जब भी आती है तो कोई ना कोई ग्रह-उपग्रह आपस में करीब आते हैं।
कहां-कहां से दिखेगा मंगल ग्रह
आज पृथ्वी और मंगल करीब होंगे और धरती से इस घटना को करीब से देखने के लिए सबसे अच्छी जगह दक्षिणी गोलार्द्ध होगी। यानि कि ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्से, अफ्रीका के कुछ हिस्से और एशिया के कुछ दक्षिणीय द्वीप से इस घटना को देखा जा सकता है। भारत के सभी हिस्सों से इस घटना को आसानी से नहीं देखा जा सकेगा। इसको देखने के लिए आपको एक बड़े 6-8 इंच लेंस वाले दूरबीन की जरूरत होगी। हालांकि दूरबीन होने के बाद भी बादल बाधा डाल सकते हैं।
इस घटना को कैसे देखें
हां, आप इस घटना को ऑनलाइन भी देख सकते हैं। इस खगोलीय घटना की लाइव स्ट्रीमिंग को आप यू-ट्यूब पर देख सकते हैं। नासा की ग्रिफिथ वेधशाला इस घटना की लाइव स्ट्रीम प्रसारित करेगी। इन दोनों ग्रहों की नजदीकियां काफी समय तक रहेगा। लिहाजा आप सूर्यास्त होने के बाद और अगले दिन सूर्योदय होने से पहले इस घटना को देख पाएंगे।


Click it and Unblock the Notifications








