फ्लाइट में क्यों 'एयरप्लेन मोड' पर रखना पड़ता है फोन, जानिए इसकी अहमियत
Ahmedabad plane crash: अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के क्रैश होने से देशभर में मातम छा गया है। दोपहर 1:38 मिनट पर टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद यह फ्लाइट दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें कई लोगों के हताहत होने की भी खबर है।
ऐसे कई सारे सवाल खड़े हो गए हैं, साथ में एक और पुराना सवाल चर्चा में है- क्या यात्रियों का फोन ऑन रहना भी रिस्क बन सकता है? हम यहां इसी सवाल का जवाब देने वाले हैं।

एयरप्लेन मोड क्यों जरूरी
जब भी आप फ्लाइट में बैठते हैं तो टेक-ऑफ से पहले घोषणा होती है। 'कृपया अपने फोन को एयरप्लेन मोड पर रखें'। पर क्या इसका कोई वाकई असर होता है? हां। मोबाइल फोन लगातार रेडियो सिग्नल भेजते हैं। टावर, GPS और WiFi के लिए। जो फ्लाइट को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाता है।
हजारों फीट की ऊंचाई पर ये सिग्नल एयरक्राफ्ट के नेविगेशन, रेडार और पायलट-ATC कम्युनिकेशन सिस्टम में हस्तक्षेप कर सकते हैं। टेक-ऑफ और लैंडिंग जैसे नाजुक समय पर यह हल्का-सा नॉइज भी बड़ा हादसा बन सकता है। फोन को फ्लाइट मोड पर डालने के बाद ब्लूटूथ और वाई-वाई बंद हो जाता है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर इसे ऑन किया जा सकता है। सभी यात्रियों को फ्लाइट के उड़ाने भरने के दौरान एयरप्लेन मोड ऑन करने की सलाह दी जाती है।
अहदाबाद में क्या हुआ है?
- अहमदाबाद में आज दोपहर एक बड़ा विमान हादसा हुआ है।
- एयर इंडिया का एक यात्री विमान (फ्लाइट AI 171) अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
- यह विमान लंदन जा रहा था।
- विमान में कुल 242 लोग सवार थे।
- यह हादसा दोपहर करीब 1:39 बजे उड़ान भरने के बाद कुछ ही मिनटों में हुआ।
- यह एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान था।
- क्रैश से पहले पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को 'MAYDAY' सिग्नल भेजा था, जिसके बाद विमान से संपर्क टूट गया।


Click it and Unblock the Notifications








