AI Impact Summit 2026: भारत का पहला ग्लोबल AI समिट, जानिए तारीखें, एजेंडा और कैसे करें एंट्री
AI Impact Summit 2026: भारत इस हफ्ते पहली बार एक बड़े वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, और यह सिर्फ एक टेक इवेंट नहीं बल्कि पॉलिसी, रिसर्च और ग्लोबल लीडरशिप का संगम है। AI Impact Summit 2026 का आयोजन 16 फरवरी से 20 फरवरी तक किया जा रहा है, जिसमें दुनियाभर से नीति-निर्माता, टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स, रिसर्चर और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं।
हालांकि यह समिट पांच दिनों तक चलेगी, लेकिन 19 और 20 फरवरी को होने वाला मुख्य वैश्विक सम्मेलन सबसे ज्यादा अहम माना जा रहा है, क्योंकि इन्हीं दिनों में बड़े स्तर की लीडरशिप मीटिंग्स और हाई-प्रोफाइल सेशंस आयोजित होंगे, जिनमें Sundar Pichai और Sam Altman जैसे दिग्गजों की मौजूदगी भी शामिल है।

AI Impact Summit 2026 क्या है?
AI Impact Summit 2026 खुद को सिर्फ एक डेवलपर कॉन्फ्रेंस या टेक एक्सपो तक सीमित नहीं रखता। इसका फोकस काफी व्यापक है। यहां AI पॉलिसी, रियल-वर्ल्ड एप्लिकेशन, इंडस्ट्री डिप्लॉयमेंट, रिसर्च, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग, इन सभी पहलुओं को एक ही मंच पर लाया गया है।
भारत इस समिट के जरिए यह दिखाना चाहता है कि वह सिर्फ AI यूज़र नहीं, बल्कि ग्लोबल AI लीडरशिप की दिशा में भी गंभीरता से कदम बढ़ा रहा है।
AI Impact Summit 2026 में कैसे शामिल हों?
इस समिट में एंट्री फ्री है, लेकिन इसके लिए पहले से रजिस्ट्रेशन जरूरी है। 17 फरवरी से आम लोगों के लिए प्रवेश शुरू हो चुका है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अप्रूवल-बेस्ड है, यानी हर आवेदन को वेरिफाई किया जाता है।
रजिस्ट्रेशन के लिए क्या करें?
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नया रजिस्ट्रेशन करना होगा
- अटेंडी टाइप (जैसे Delegate) चुनना होगा
- अपनी जानकारी सरकारी पहचान पत्र से मेल खाते हुए भरनी होगी
- ईमेल OTP से वेरिफिकेशन करना होगा
- प्रोफेशनल बैकग्राउंड डिटेल्स देनी होंगी
- सफेद बैकग्राउंड वाली पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करनी होगी
- अप्रूवल के बाद आपको एक QR कोड मिलेगा, जो एंट्री के समय जरूरी होगा।
दिन-प्रतिदिन क्या होगा? पूरा ब्रेकडाउन
16 फरवरी: पॉलिसी और दिशा तय करने का दिन
समिट का पहला दिन मुख्य रूप से नीति निर्धारण और रणनीतिक चर्चा पर केंद्रित है। इस दिन कीनोट स्पीच, पॉलिसी पैनल और एक्सपर्ट राउंडटेबल होते हैं। इसी दिन India AI Expo का उद्घाटन भी किया जाता है, जहां भारत की AI क्षमताओं और इनोवेशन को प्रदर्शित किया जाता है।
17 फरवरी: सेक्टर-वाइज AI उपयोग
दूसरे दिन फोकस शिफ्ट होकर Applied AI पर आ जाता है। हेल्थकेयर, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, एनर्जी, जेंडर एम्पावरमेंट और डिसएबिलिटी इनक्लूजन जैसे सेक्टर्स में AI के उपयोग पर चर्चा होती है। सरकार इस दिन Knowledge Compendia भी लॉन्च करती है।
18 फरवरी: रिसर्च और इंडस्ट्री का संगम
तीसरा दिन रिसर्च और इंडस्ट्री को जोड़ता है। Research Symposium में अकादमिक रिसर्च सामने आती है, जबकि इंडस्ट्री सेशंस में ग्लोबल टेक कंपनियां और स्टार्टअप्स अपने रियल-वर्ल्ड AI सॉल्यूशंस पेश करते हैं। यह दिन थ्योरी से ज्यादा इम्प्लीमेंटेशन पर फोकस करता है।
19 फरवरी: मेन समिट और टॉप लीडरशिप
यह AI Impact Summit का सबसे अहम दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा औपचारिक उद्घाटन के बाद CEO राउंडटेबल आयोजित होता है। यह सेशन क्लोज्ड-डोर होता है, जिसमें वैश्विक टेक लीडर्स, निवेशक और नीति-निर्माता भविष्य की AI रणनीति, निवेश और जिम्मेदार AI विकास पर चर्चा करते हैं।
20 फरवरी: ग्लोबल सहयोग और गवर्नेंस
अंतिम दिन Global Partnership on Artificial Intelligence (GPAI) से जुड़ी बैठकों पर केंद्रित है। यहां अंतरराष्ट्रीय सहयोग, AI गवर्नेंस और समावेशी AI पर प्राथमिकताएं तय की जाती हैं।
क्यों अहम है यह समिट?
AI Impact Summit 2026 भारत के लिए सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि AI पॉलिसी, इनोवेशन और ग्लोबल रोल को मजबूत करने का मौका है। यह साफ संकेत देता है कि भारत अब AI की दौड़ में सिर्फ फॉलोअर नहीं, बल्कि डिसीजन-मेकर बनने की ओर बढ़ रहा है।


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