बैंक करप्ट घोषित हुई ये टेलीकॉम कंपनी, Jio को बताया जिम्मेदार
भारतीय टेलीकॉम कंपनियां इस समय कड़े कॉम्पिटीशन से गुजर रही हैं। ऐसे में ज्यादातर कंपनियां खुद को बचाए रखने के लिए विलय कर रही हैं और नए प्लान, ऑफर और स्कीम के तहत नए यूजर्स को आकर्षित कर रही हैं। कंपनियों की वॉर में कुछ टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडकर कंपनी जैसे डोकोमो और आरकोम काफी संघर्ष कर रही हैं।
देश की आखिरी छोटी मोबाइल टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनी एयरसेल भी इस टेलीकॉम वॉर में बुरे दौर से गुजर रही है।

एयरसेल ने कुछ समय पहले अपने यूजर्स को अपने नेटवर्क से मोबाइल नंबर किसी और नेटवर्क पर पोर्ट करने की सूचना जारी की थी। अब कंपनी ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है। कंपनी ने हाल ही में बैंक करप्ट प्रोसेस के लिए आवेदन दिया है। कंपनी ने कहा कि वित्तीय दबाव वाली टेलीकॉम इंडस्ट्री में वह इस समय संकट के दौर से गुजर रही है।
इतना ही नहीं एयरसेल ने अपने दिवालिया स्थिति पर जियो को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि एक नई कंपनी के "विध्वंसकारी" आगमन के बाद कड़े कॉम्पिटीशन, कानूनी व नियामकीय चुनौतियों के साथ कंपनी पर लगातार बढ़ते घाटे की वजह से कंपनी की साख व कारोबार पर काफी बुरा असर पड़ा।
कुछ समय पहले एयरसेल और रिलायंस कम्यूनिकेशन को लेकर विलय की खबरें आई थीं। इस पर कंपनी ने कहा कि अन्य कंपनी के साथ मिलाने के प्रयासों का कोई परिणाम नहीं निकला। एयरसेल ने कहा, "कर्जदाताओं और शेयरधारकों के साथ विस्तृत बातचीत के बाद भी कर्ज और वित्तपोषण को लेकर कंपनी किसी आमसहमति पर नहीं पहुंच सकी। विचार विमर्श और जनवरी 2018 में रणनीतिक रिण पुनर्गठन योजना को अमल में लाने को लेकर बातचीत के बावजूद कोई समझौता नहीं हो सका।"

कंपनी ने खुद को दिवालिया घोषित करने के कदम को उचित बताया। 1 मार्च को ऋणशोधन व दिवाला संहिता 2016 की धारा 10 के तहत एयरसेल सेल्यूलर, डिशनेट वायरलैस, एयरसेल लिमिटेड के लिए कारपोरेट ऋणशोधान समाधान प्रक्रिया शुरू करने का आवेदन किया है। बता दें कि टेलीकॉम इंडस्ट्री के कड़े कॉम्पिटीशन में पॉपुलर टेलीकॉम कंपनी आइडिया और वोडाफोन ने भी विलय का ऐलान किया है।


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