Jio Joins Starlink: अब मिलेगा सस्ता इंटरनेट! अंबानी और मस्क आए साथ; ये है प्लानिंग
Jio Joins Starlink: बीते मंगलवार को एयरटेल ने एलन मस्क की कंपनी SpaceX के साथ पार्टनरशिप की, ताकि अपने कस्टमर्स को फास्ट और किफायती इंटरनेट देने के लिए Starlink की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस उपलब्ध करा सके। आज जियो ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए SpaceX के साथ हाथ मिलाया है।
जियो के ऐसा करने के बाद देश की दो प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों यानी Reliance Jio और Bharti Airtel ने Elon Musk की कंपनी के साथ पार्टनरशिप कर ली। बता दें कि इस डील के लिए सरकार ने मंजूरी दी है और अब भारतीय भी हाई-स्पीड इंटरनेट का मजा ले सकेंगे। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

Jio और SpaceX की पार्टनरशिप
- Reliance Jio ने एक ऑफिशियल अनाउंसमेंट में बताया कि वह Starlink के इंटरनेट सॉल्यूशन्स को अपने रिटेल स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए यूजर्स को उपलब्ध कराएगा।
- इसके अलावा, Jio कस्टमर्स Starlink टूल्स के इंस्टॉलेशन और सर्विस एक्टिवेशन के लिए कंपनी से मदद ले सकेंगे।
- Jio ने अपने बयान में कहा कि इस डील के तहत दोनों पक्षों को फायदा होगा। ऐसे में दुनिया के सबसे बड़े डेटा ट्रैफिक मोबाइल ऑपरेटर के रूप में Jio की स्थिति मजबूत होगी। इसके लिए Starlink की लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य पूरे भारत में, खासतौर पर ग्रामीण इलाकों और रिमोट एरिया में भरोसेमंद ब्रॉडबैंड सर्विस देना है।
- हालांकि, यह डील अभी भी सरकार द्वारा SpaceX को Starlink सेवाएं बेचने के लिए मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगी।
स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट के कारण हो रही परेशानी
- जैसा कि हम जानते हैं कि Jio और SpaceX के बीच पहले स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट को लेकर कुछ परेशानियां थीं।
- Jio ने सरकार से स्पेक्ट्रम की नीलामी की मांग की थी, जबकि Elon Musk की कंपनी SpaceX ने इसे एडमिनिस्ट्रेशन अलॉटमेंट के जरिए के पक्ष में थी जो ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से काम करता है।
- हालांकि भारतीय सरकार ने SpaceX की बात मानी, जिससे Jio को अपनी प्रतियोगिता को लेकर चिंता हुई थी। हालांकि, इस नई पार्टनरशिप के साथ, दोनों कंपनियां एक साथ काम करने को तैयार हैं।
Airtel और SpaceX की साझेदारी
- Reliance Jio के अलावा Bharti Airtel ने भी SpaceX के साथ Starlink इंटरनेट सेवाओं को भारत में लाने के लिए पार्टनरशिप की है। इसके बाद ये भारत में SpaceX की पहली डील है, जो सरकार की मंजूरी के बाद प्रभावी होगी।
- Airtel ने अपने बयान में कहा कि Airtel और SpaceX मिलकर भारत के रिमोट एरिया में Starlink सर्विसेज देने की संभावनाओं का पता लगाएंगे। यह साझेदारी स्कूलों, हेल्थ केयर सेंटर, और ग्रामीण समुदायों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने में मदद करेगी।
- Airtel के प्रबंध निदेशक और उपाध्यक्ष, गोपाल विट्टल ने कहा कि यह पार्टनरशिप दिखाती है कि कंपनी अगली पीढ़ी की सैटेलाइट कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत में Starlink का फायदा
- Starlink की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज भारत के उन एरिया में बेहतर कनेक्टिविटी और इंटरनेट के लिए काम करेगी, जहां मोबाइल नेटवर्क और फाइबर के जरिए इंटरनेट सर्विस नहीं उपलब्ध है।
- ऐसे में Starlink के जरिए भारत के कई पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की बड़ी चुनौती को दूर किया जा सकता है।
- इसकी मदद से लोगों को फास्ट इंटरनेट सर्विस मिलेगी। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि Starlink की LEO सैटेलाइट्स कम ऊंचाई पर काम करती हैं, जिससे इंटरनेट की स्पीड तेज और लैग बहुत कम होता है।
- इसके साथ लोगों को दूरदराज के इलाकों और रिमोट एरिया में बेस्ट कनेक्टिविटी मिलेगी, क्योंकि Starlink सैटेलाइट बेस्ड होती है यानी आपको मोबाइल टावर या फाइबर की जरूरत नहीं होगी।
- इसकी मदद से स्कूलों, कॉलेजों और हेल्थ सेंटर में इंटरनेट की पहुंच से डिजिटल एजुकेशन और टेलीमेडिसिन सर्विसेज बेहतर हो सकती हैं।
- इसके साथ ही सरकार के डिजिटल कनेक्टिविटी प्लान को सैटेलाइट इंटरनेट से मजबूती मिलेगी।


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