31 दिसंबर तक सभी पोस्ट ऑफिस को भारतीय पोस्ट पेमेंट बैंक से जोड़ा जाएगा
क्ंद्रिय संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि देश में सभी 1.55 लाख डाकघर 31 दिसंबर, 2018 तक भारत पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) प्रणाली से जुड़े होंगे। बता दें, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक 1 सितंबर को राष्ट्रव्यापी लॉन्च होने वाला है। केंद्रिय मंत्री मनोज सिन्हा ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि लॉन्च के दिन आईपीपीबी के देश भर में 650 शाखाएं और 3,250 को पहुंचाया जाएगा। मनोज सिन्हा ने यह भी बताया कि 2018 के अंत तक इन ब्रांच बिंदुओं की संख्या 1.55 लाख हो जाएगी, जिनमें से 1.30 लाख शाखाएं ग्रामीण इलाकों में होंगी।

इसके अलावा, डाकघर बचत बैंक के खाता धारक भी अपने खातों को जोड़कर आईपीपीबी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। भुगतान बैंक में खाताधारकों को एक क्यूआर कार्ड दिया जाएगा। जिससे वे कार्ड और उनके बॉयोमीट्रिक्स के साथ लेनदेन को अधिकृत कर सकते हैं। इस बीच यूनियन कैबिनेट यानि केंद्रीय मंत्रीमंडल ने बुधवार को पेमेंट बैंक की स्ठापना के लिए प्रोजेक्ट आउटले में संशोधन करते हुए इसके लिए 800 करोड़ रुपए से 1,435 करोड़ रुपए अनुमोदित यानि एप्रुव्ड कर दिए।
पूर्व प्रधानमंत्री की देहांत की वजह से टली शुरुआत
भारतीय पोस्ट पेमेंट बैंक यानी आईपीपीबी एक सितंबर से आपको घर तक बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने की शुरुआत करेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के देहावसान की वजह से आईपीपीबी की शुरुआत को 21 अगस्त से एक सितंबर तक के लिए टाल दिया गया था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से एक सितंबर को आईपीपीबी की शुरुआत करेंगे।
हालांकि इसके पहले शाखाओं का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, सांसद, राज्यों के मंत्री, विधायक और जिला पंचायत के पदाधिकारियों द्वारा किया जाएगा। इसके बाद वह वित्तीय समावेश के लिए पीएम की महत्वाकांक्षा का संबोधन सुनेंगे। इसी के साथ-साथ सिन्हा ने बताया कि आईपीपीबी में 100 फीसदी हिस्सेदारी सरकार की होगी। इसमें घर तक 2.60 लाख डाकसेवक और 40 हजार डाकिए लोगों को बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी।
क्यूआरकोड कार्ड होगा सुरक्षित
इस सुविधा को घर बैठे पाने के लिए ग्राहकों को आधार के जरिए और क्यूआर कोड कार्ड के जरिए भुगतान होगा। बता दें, ग्राहक को क्यूआरकोड कार्ड में खाता या अन्य नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी। यह बहुत ही सुरक्षित है और इसमें किसी भी तरह से सेंध लगाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने बताया कि आईपीपीबी को बढ़ाने के साथ वित्तीय साक्षरता पर जागरूकता अभियान भी जारी रहेगा। फिलहाल 18 हजार लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है और विशेष प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है।


Click it and Unblock the Notifications