American सीक्रेट स्पेस प्लेन मिशन जिसने ऑर्बिट में 908 दिन बिताए, बना रिकॉर्ड

Secret Space Plane Mission : पृथ्वी की कक्षा में 908 दिनों के बाद एक रहस्यमय अमेरिकी अंतरिक्ष यान पृथ्वी पर लौटा है। यह अंतरिक्ष यान यूनाइटेड स्टेट्स स्पेस फोर्स (USSF) द्वारा चलाया जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि यह यान इतने दिनों से अंतरिक्ष में क्या कर रहा था? 12 नवंबर की सुबह यह 5 बजकर 22 मिनट पर अंतरिक्ष यान एक्स-37बी नासा के कैनेडी स्पेस स्टेशन पर उतरा। बोर्ड पर कोई अंतरिक्ष यात्री (Astronaut) नहीं था। आसपास के रेजिडेंट ने बताया कि उनके घरों में बहुत सारे झटकों का अनुभव हुआ। वे शुरू में मानते थे कि झटके या तो उल्का या यूएफओ के कारण होते हैं। बता दें कि यह अंतरिक्ष यान पहली बार 2010 में उड़ान भरी थी। यह अंतरिक्ष में विमान का छठा मिशन (Sixth Mission) था, जो अब तक का सबसे लंबा मिशन था।
बता दें मिली जानकारी के मुताबिक यह धरती से करीब 400 किमी ऊपर कई वैज्ञानिक प्रयोग कर रहा था. अमेरिकी सेना द्वारा यूज किए जाने से पहले X-37B को NASA के लिए बोइंग कंपनी द्वारा बनाया गया था। यह अंतरिक्ष यान एक हवाई जहाज की तरह दिखता है। ऑर्बिटल टेस्ट व्हीकल -6 (OTV-6) मिशन को 17 मई, 2020 को फ्लोरिडा के केप कैनवेरल एयर फ़ोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 41 से मॉडिफाइड एटलस V 501 रॉकेट से लॉन्च किया गया था। इस अंतरिक्ष यान के अंतरिक्ष में बिताए गए समय के हिसाब से यह करीब 10 साल का होगा।
कक्षा में अंतरिक्षयान के 908 दिनों के दौरान किए गए एक्सपेरिमेंट का खुलासा

नौसेना रिसर्च लैब्रटोरी का फोटोवोल्टिक रेडियोफ्रीक्वेंसी एंटीना मॉड्यूल सौर किरणों (Solar Rays) के यूज और माइक्रोवेव का यूज करके पृथ्वी पर बिजली के ट्रांसफर की कांसेप्ट का जाँच करता है। यह अंतरिक्ष यान (Spacecraft) पर किए गए एक्सपेरिमेंट में से एक था।
NASA के मैटेरियल्स एक्सपोजर एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन इन स्पेस (METIS-2) के जरिए से, अंतरिक्ष एजेंसी के एक्सपेरिमेंट ने थर्मल कंट्रोल कोटिंग्स और प्रिंटेड इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल का खुलासा किया। कंप्यूटर मॉडल के साथ एनालिसिस और तुलना के लिए पृथ्वी पर लौटने से पहले यह कैंडिडेट रेडिएशन शेल्डिंग मटेरियल को स्पेस की कठोर परिस्थितियों में ले गया।
अंतरिक्ष यान (Spacecraft) पर नासा की एक अन्य जांच ने फ्यूचर के मिशनों पर स्पेस-क्रॉप प्रोडक्शन में मदद करने के लिए बीजों और अन्य फैक्टर पर लॉग टर्म के अंतरिक्ष जोखिम के प्रभाव को भी उजागर किया।
एयर फ़ोर्स रैपिड कैपेबिलिटीज़ X-37B ऑफ़िस के प्रोग्राम डायरेक्टर, लेफ्टिनेंट कर्नल जोसेफ फ्रित्शेन ने बताया कि "X-37B एक्सपेरिमेंट की सीमाओं को आगे बढ़ाता है।


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