ठगी का बिछ गया जाल! Black Friday Sale के नाम पर हो रही लूट; कैसे रहें सतर्क?
अगर आप भी ब्लैक फ्राइडे सेल (Black Friday Sale) में भारी डिस्काउंट के चक्कर में ऑनलाइन शॉपिंग करने की सोच रहे हैं, तो जरा संभल जाएं। अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर सेल शुरू होते ही साइबर अपराधी भी एक्टिव हो गए हैं।
एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट पर 2,000 से ज्यादा ऐसी नकली वेबसाइट्स की बाढ़ आ गई है, जो हूबहू असली शॉपिंग साइट्स जैसी दिखती हैं। अगर आप इस तरह के स्कैम से खुद को सेफ रखना चाहते हैं तो कुछ गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए।

क्या है पूरा मामला?
साइबर सुरक्षा फर्म CloudSEK की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि हैकर्स ने ब्लैक फ्राइडे सेल को भुनाने के लिए एक बड़ा जाल बिछाया है। 2,000 से अधिक फेक वेबसाइट्स बनाई गई हैं जो ग्राहकों को लुभाने के लिए असली वेबसाइट्स की नकल करती हैं।
इन साइट्स का मकसद यूजर्स की बैंकिंग डिटेल्स और पर्सनल डेटा चुराना है, जिसका इस्तेमाल बाद में फाइनेंशियल फ्रॉड या आइडेंटिटी थेफ्ट के लिए किया जाता है।
कैसे फंसाते हैं जाल में?
यह कोई छोटा-मोटा स्कैम नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध है। ठगों ने इन नकली वेबसाइट्स को बिल्कुल असली जैसा बनाया है।
फेस्टिव बैनर्स: साइट पर त्योहारों वाले ऑफर्स के बड़े-बड़े बैनर लगे होते हैं।
उल्टी गिनती: ऑफर खत्म होने वाला है। ऐसी घड़ी चलाकर ग्राहकों में जल्दबाजी पैदा की जाती है।
फर्जी रिव्यू: प्रोडक्ट के नीचे शानदार लेकिन झूठे रिव्यू लिखे होते हैं।
इन तरीकों से ग्राहक बिना जांच-पड़ताल किए पेमेंट कर देते हैं और अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं।
Amazon, Apple और Samsung के नाम पर सबसे ज्यादा धोखाधड़ी CloudSEK की जांच में दो बड़े फिशिंग क्लस्टर्स का पता चला है।
पहला क्लस्टर: इसमें 750 से ज्यादा डोमेन शामिल हैं, जिनमें से 170 से ज्यादा वेबसाइट्स सिर्फ Amazon की नकल कर रही हैं।
दूसरा क्लस्टर: यह और भी बड़ा है, जिसमें 1,000 से ज्यादा '.shop' एक्सटेंशन वाले डोमेन हैं। ये Apple, Samsung, Xiaomi, HP, Ray-Ban और Logitech जैसे बड़े ब्रांड्स को निशाना बना रहे हैं।
सोशल मीडिया से रहें दूर
रिपोर्ट में बताया गया है कि यूजर्स इन साइट्स तक सोशल मीडिया विज्ञापनों, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर शेयर किए गए लिंक के जरिए पहुंचते हैं। हर नकली साइट पर आने वाले 3 से 8 प्रतिशत लोग इस ठगी का शिकार बन जाते हैं, जिससे स्कैमर्स लाखों रुपये कमा रहे हैं।
बचाव के लिए क्या करें?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑनलाइन लुटेरे स्मार्ट हो गए हैं, इसलिए आपको भी स्मार्ट बनना होगा।
URL चेक करें: किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले वेबसाइट का एड्रेस (URL/Spelling) ध्यान से देखें। अक्सर इसमें मामूली अंतर होता है।
अंधाधुंध डिस्काउंट से बचें: अगर कोई साइट iPhone या महंगे गैजेट्स पर 70-90% की छूट दे रही है, तो समझ जाएं कि यह स्कैम है।
जल्दबाजी न करें: काउंटडाउन टाइमर देखकर पैनिक में आकर खरीदारी न करें।
ऑफिशियल ऐप का इस्तेमाल करें: लिंक पर क्लिक करने के बजाय सीधे ब्रांड की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप पर जाकर ही शॉपिंग करें।


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