Gmail पर ईमेल भेजने वालों के लिए रोल आउट हुआ ब्लू चेकमार्क, जानें कैसे करता है काम

Gmail की प्रामाणिकता दिखाने के लिए जीमेल अब मेल भेजने वाला के नाम के आगे एक ब्लू वेरीफाई चेकमार्क दिखाएगा, कंपनी ने बुधवार को एक बयान में इस बात की जानकारी दी। इस फीचर का असर मैसेज भेजने वालें और पाने वाले दोनों पर पड़ेगा।
3 मई, 2023 से इस फीचर को रोल आउट करना शुरू कर दिया गया है, लेकिन इसे पूरी तरह से रोल आउट करने में तीन दिन लगेंगे और यह Google Workspace के सभी ग्राहकों के साथ-साथ पुराने G Suite बेसिक और बिजनेस ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा , यह फीचर व्यक्तिगत Google अकाउंट वाले यूजर्स के लिए भी उपलब्ध है।
एक वेरीफाई चेकमार्क उन व्यवसायों के लिए उपलब्ध होगा, जिन्होंने Gmail में मैसेज पहचानने के लिए ब्रांड इंडिकेटर (BIMI) को अपनाया है। ब्रांड के नाम के आगे एक चेकमार्क लास्ट यूजर्स के इनबॉक्स में ऑटोमैटिक तरीके से दिखाई देगा। उन्हें सेटिंग में कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं है।

यह चेकमार्क यूजर्स और ईमेल सुरक्षा प्रणालियों को स्पैम की पहचान करने और रोकने में मदद करेगा और इस सुविधा का यूज करके प्रेषक भी अपने ब्रांड का लाभ उठा सकते हैं।
BIMI कैसे करता है काम
Google ने BIMI को 2021 में Gmail में पेश किया। ईमेल में अवतार के रूप में ब्रांड लोगो प्रदर्शित करने के लिए प्रेषकों को मजबूत प्रमाणीकरण का उपयोग करने और अपने ब्रांड लोगो को सत्यापित करने की आवश्यकता होती है। BIMI ब्रांड लोगो को ग्राहकों के इनबॉक्स में लाने के लिए DMARC सुरक्षा जांच का लाभ उठाता है। BIMI के साथ, उपयोगकर्ता अपने लोगो को ईमेल में भी नियंत्रित कर सकते हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक वेरीफाई चेकमार्क तब से चर्चा में हैं जब से ट्विटर ने अपने प्लेटफॉर्म पर सभी लीगेसी वेरीफाई चेकमार्क को हटाने और उन्हें नए भुगतान किए गए चेकमार्क से बदलने का फैसला किया है। मेटा ने हाल ही में अपने पेड वेरिफिकेशन चेकमार्क भी शुरू किए हैं।
भारत जैसे देशों में जहां लोगों को साइबर सुरक्षा के बारे में कम जानकारी है, ईमेल के माध्यम से घोटाले बहुत आम हैं। ईमेल पर वेरीफाई चेकमार्क लोगों को स्कैमर और प्रामाणिक ईमेल के बीच अंतर करने में मदद करेगा।


Click it and Unblock the Notifications








