Blue Moon 2020: 19 साल बाद आएगी हैलोवीन ब्लू मून की रात
19 सालों के बाद कल 31 अक्टबूर को एक बार फिर से आसमान में दुर्लभ 'Blue Moon' का नज़ारा दिखाई देगा। इससे पहले साल 2001 में ब्लू मून देखा गया था। कहा जाता है कि जब किसी महीने में दो बार पूर्णिमा आती है तो दूसरे चांद को ब्लू मून कहते हैं। नासा का इस पर कहना है कि ऐसा नज़ारा हर 19 साल में हैलोवीन के समय पर पड़ता है। हैलोवीन को पश्चिमी देशों में 31 अक्टूबर की रात को मनाते हैं। ये एक भूतिया त्योहार होता है जिसमें लोग भूतों जैसी ड्रैस पहनकर पार्टी करते हैं।

बता दें कि कहने में इसे ब्लू मून का नाम दिया गया है लेकिन वास्तव में ये इतना नीला नहीं होता है। साल 2020 के बाद अब आप इस मून को 2039 में देख पाएंगे जब ये ब्लू मून हैलोवीन का रात को दिखाई पड़ेगा। हालांकि, नासा ने अपने ब्लॉग में बताया है कि यूं तो ब्लू मून हर ढाई साल बाद दिखाई देता है लेकिन ऐसा संयोग जब हैलोवीन की भी रात हो, तब 19 साल बाद ही आता है। इसे Metonic cycle के नाम से जाना जाता है। ब्लू मून अक्टूबर हार्वेस्ट मून के बाद आता है। सैद्धांतिक रूप से यह सर्दियों की शुरुआत को दर्शाता है।
FarmersAlmanac ने बताया कि आखिरी बार हैलोवीन ब्लू मून 19 साल पहले 2001 में दिखाई दिया था। लेकिन उस वक्त इसे सेंट्रल एंड पेसिफिक टाइम ज़ोन में ही देखा जा सका था। हालांकि, आगामी मून को सभी टाइम ज़ोन में देखा जा सकते है जो कि काफी दुर्लभ है। रिपोर्ट बताती है कि आखिरी बार हैलोवीन फुल ब्लू मून सभी टाइम ज़ोन में 1944 में देखा गया था।
क्या होता है Blue Moon-
अगर आसान सी भाषा में समझें तो जब किसी महीने में दो पूर्णिमा पड़ती है तो दूसरी पूर्णिमा के चांद को ब्लू मून कहते हैं। हालांकि, एक अन्य परिभाषा कहती है कि जब एक सीज़न में चार फुल मून्स होते हैं, तो तीसरे चांद को ब्लू मून कहा जाता है।


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