ब्रिटिश कॉमेडियन के शो में पीएम मोदी पर कसा गया तंज, भारत में हो गया बैन
ब्रिटिश कॉमेडियन जॉन ऑलिवर के एक कॉमेडी ऐपिसोड हॉटस्टार से भारत में बैन कर दिया गया है। आप सोच रह होंगे कि ऐसा क्यों हुआ और क्यों किया गया है। अगर आप भी ऐसा सोच रहे हैं तो आपको बता दें कि भला भारत में भी कोई पीएम मोदी का मजाक बना सकता है। कम से कम मोदी सरकार के राज में तो ऐसा करना बहुत ही मुश्किल काम है। उसमें भी अगर कोई विदेशी ऐसा कर जाए तो फिर तो बात और भी संवेदनशीन हो जाती है।

ब्रिटिश कॉमेडियन जॉन ऑलिवर ने कुछ ऐसा ही किया। जॉन एचबीओ चैनल पर अपना एक कार्यक्रम प्रसारित करते हैं। उस कार्यक्रम का नाम लास्ट वीक टूनाइट है। यह एक कॉमेडी कार्यक्रम होता है, जिसमें जॉन पॉलिटिक्स, सिनेमा, खेल समेत कई क्षेत्रों और उन क्षेत्रों के लोगों के बारे में मजकिया बात करते हैं।
ब्रिटिश कॉमेडियन का शो भारत में बैन
इस बार जॉन ने अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम लास्ट वीक टूनाइट में नागरिकता संशोधन बिल यानि सीएए के बारे में बात की। उन्होंने सीएए पर चल रहे विवाद पर पीएम मोदी पर तंज कसा। जॉन ने इस प्रोग्राम में पीएम मोदी को "नफरत का अस्थायी प्रतीक के रूप में बताया और उनकी तुलना प्रेम के स्थायी प्रतीक ताज महल से की। बस फिर क्या था। इस एपिसोड को भारत में तुरंत बैन कर दिया गया। भारत के काफी लोग हॉटस्टार पर जॉन के इस कॉमेडी शो को देखते हैं। लेकिन अब वो इस शो को नहीं देख पाएंगे क्योंकि भारत में हॉटस्टार से बैन कर दिया गया है।
आपको बता दें कि जॉन एक ब्रिटिश कॉमेडियन हैं। उन्होंने अपने इस लोकप्रिय प्रोग्राम लास्ट वीक टूनाइट का ये एपिसोड पूरी तरह से सीएए-एनआरसी के संबंधित पेश किया था। इस शो की शुरुआत जॉन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे से की थी। हालांकि अब डोनाल्ड ट्रंप भारत से लौट गए हैं।
दिल्ली-हिंसा, सीएए पर सुप्रीम कोर्ट
इधर सीएए-एनआरसी विरोध की बात करें तो इसका विरोध पूरे देश में हो रहा है और इसका सबसे ज्यादा असल दिल्ली में दिखाई दे रहा है। दिल्ली के एक इलाके शाहीन बाग में करीब दो महीनों से भी ज्यादा के वक्त से सैकड़ों महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रखा है। ये प्रदर्शन धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है और इस वजह से पिछले 3-4 दिनों में दिल्ली में एक भयंकर हिंसा हुई, जिसमें अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है। आज सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग में सीएए विरोध की सुनवाई को 23 मार्च तक के लिए टाल दिया है और दिल्ली पुलिस समेत केंद्र सरकार को दिल्ली हिंसा पर काबू पाने और दोषियों पर जल्द कार्यवाई करने के निर्देष दिए हैं।


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