BSNL के कर्मचारियों और इंजीनियरों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, मदद की लगाई गुहार

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बीएसएनएल कंपनी की हालत आजकल कुछ ठीक नहीं है। पिछले कुछ महीनों से बीएसएनएल कंपनी के बारे में काफी ख़बरें आ रही है। अब बीएसनएल में काम करने वाले कुछ इंजीनियरों समेत अन्य कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर उनसे मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से गुहार लगाई है कि कंपनी को दोबारा मजबूत बनाने के लिए वो हस्तक्षेप करें।

 

BSNL के कर्मचारियों और इंजीनियरों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, मदद की लगाई गुहार

एआईजीईटीओए यानि ऑल इंडिया ग्रैजुएट इंजीनियर्स एंड टेलीकॉम आफिसर्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पिछसे हफ्ते लिखे गए इस पत्र में कहा है कि, "कंपनी के नकदी समस्या से निजात पाने के लिए बजट समर्थन किया जाना चाहिए। इस पत्र में कहा गया है कि कंपनी की तत्काल नकदी समस्या की वजह से कंपनी को चलाना और सेवाओं की देखभाल करना मुश्किल हो रहा है।

इस पत्र में कमर्चारियों का कहना है कि, उनके अनुसार सरकार की तरफ से मिलने वाली न्यूनतम समर्थन से भी बीएसएनएल कंपनी को एक बार फिर मुनाफे वाली कंपनी बनाया जा सकता है। इसके अलावा एसोसिएशन ने पत्र में ये भी कहा कि कंपनी में प्रदर्शन आधिरित व्यवस्था बनानी चाहिए। इसके जरिए अच्छा प्रदर्शन करने वाली कर्मचारियों को पुरस्कृत करना चाहिए और ख़राब प्रदर्शन करने वालों से जवाब मांगना चाहिए।

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इस चिट्ठी में एसोसिएशन ने साफतौर पर लिखा है कि, "बीएसएनएल कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है। बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी में लगातार इजाफा हो रहा है लेकिन कंपनी ने नकदी संकट की समस्या जरूर है, जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए। इंजीनियरों और अधिकारियों के एसोसिएशन एआईजीईटीओए ने कहा है कि मुश्किलों के बाद भी बीएसएनएल आत्मनिर्भर है और उस पर किसी तरह का बाहरी बोझ नहीं है।

उनका कहना है कि ये दूसरी दूरसंचार कंपनियों से अलग है। दूसरी दूरसंचार कंपनियां बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से कर्ज लिए हुए हैं लेकिन बीएसएनएल ने ऐसा नहीं किया है। इस पत्र में यह भी लिखा हुआ है कि बीएसएनएल ने कभी भी कर्मचारियों का पैसा रोका नहीं है सिर्फ एक महीने में ही ऐसा हुआ है लेकिन फिर भी कंपनी ने बिना किसी बाहरी समर्थन के कंपनी के परिचालन को चलाया है।

 

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आपको बता दें कि 2010 से एमटीएनएल और बीएसएनएल कंपनी घाटे में चल रही है। एमटीएनएल दिल्ली और मुंबई में अपनी सेवाएं प्रदान करती है तो वहीं बीएसएनएल बाकी के 20 सर्किलों पर सेवाएं देती है। MTNL कंपनी तो लगातार घाटे में ही रही है लेकिन BSNL ने 2014-15 में 672 करोड़ रुपए, 2015-16 में 3,885 करोड़ रुपए और 2016-17 में 1,684 करोड़ रुपए का फायदा अर्जित किया था।

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English summary
The condition of BSNL company is not right nowadays. There has been a lot of news about the BSNL company over the past few months. Now some employees, including some engineers working in BSNL, have written a letter to Prime Minister Narendra Modi asking for help from them. Let us give you all this information.

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