बीएसएनएल टॉवर कारोबार को करेगी अलग
सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अपने टॉवर कारोबार को एक नई सहायक कंपनी में स्थानांतरित करेगी। नई कंपनी का मूल्य करीब 20 हजार करोड़ रुपये होगा। यह बात कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने कही।
पढ़ें: लॉकर नहीं अब फाइलें संभालेगा डिजिटल लॉकर, जानिए इसके 8 फीचर

श्रीवास्तव ने कहा, "हम अपने टॉवरों को निजी कंपनियों के साथ साझा करते हैं। हम अपनी एक सहायक कंपनी के बारे में सोच रहे हैं। हम टॉवर साझेदारी पर अधिक ध्यान देना चाहते हैं। अभी यह कारोबार 200 करोड़ रुपये सालाना का है, जो 2,000-2,500 करोड़ रुपये सालाना का हो सकता है। उन्होंने कहा, "नई कंपनी में बीएसएनएल की बहुमत हिस्सेदारी होगी। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।"
डिलायटी इंडिया की एक रपट के मुताबिक, अभी देश में करीब चार लाख दूरसंचार टॉवर हैं, जो तीन फीसदी सालाना वृद्धि के साथ 2020 तक 5,11,000 हो जाएंगे। इंडस टॉवर 31 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ अग्रणी है। उसके बाद बीएसएनएल की 18.1 फीसदी बाजार हिस्सेदारी है।

बीएसएनएल के पास 75 हजार टॉवर हैं, जिसमें से 65 हजार को वह नई कंपनी के सुपुर्द करना चाहती है। कंपनी के देश के हर कोने में टॉवर हैं। उन्होंने कहा कि इससे कंपनी के लाभ-हानि पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। 2014-15 में कंपनी को 7,000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
अधिकारी ने कहा, "मंत्रिमंडल का फैसला कभी भी आ सकता है। यह फैसला इस महीने भी आ सकता है। नई कंपनी इस मौजूदा कारोबारी साल में ही बन जाने का अनुमान है। श्रीवास्तव ने कहा कि एक सलाहकार को नियुक्त कर लिया गया है और करीब डेढ़ साल से परियोजना रपट तैयार की जा रही है। श्रीवास्तव ने कहा, "शुरुआती अनुमान के मुताबिक नई कंपनी का मूल्य करीब 20,000 करोड़ रुपये होगा।"


Click it and Unblock the Notifications







