BSNL अपने टावरों को Reliance Jio, Airtel जैसी थर्ड पार्टी कंपनियों को बेचेगा,क्या है वजह
भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) कथित तौर पर अपनी राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP) के हिस्से के रूप में केंद्र द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 10,000 दूरसंचार टावर बेचने की योजना बना रही है. इस में 4 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की संभावना है. KPMG को दूरसंचार बिक्री के लिए सलाहटावकार नियुक्त किया गया है.

Reliance Jio, Airtel जैसी थर्ड पार्टी शामिल
आप की जानकारी के लिए बता दें कि BSNL के पास फिलहाल देश भर में 68 हजार टेलीकॉम टावर हैं. टावरों को Reliance Jio, Airtel जैसी थर्ड पार्टी कंपनियों के साथ टेलीकॉम को-लोकेशन अरेंजमेंट के साथ बेचा जाएगा. राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना के तहत, BSNL के स्वामित्व वाले 13,567 मोबाइल टावर वित्त वर्ष 2025 तक बेचे जाएंगे. इसलिए, एमटीएनएल के स्वामित्व वाले 1350 दूरसंचार टावर, जो मुंबई और दिल्ली में दूरसंचार सेवाएं प्रदान करते हैं, बेचे जाएंगे.
बता दें कि बीएसएनएल इस समय घाटे में चल रही है, वहीं केंद्र सरकार BSNL की टेलीफोन सेवा को जारी रखने जा रही है और भारत ब्रॉडब्रांड नेटवर्क कंपनी के साथ विलय की संभावना है.
2023 तक 5G कनेक्टिविटी की तैनाती शुरू
IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा था कि भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) 2023 से भारत में 5G कनेक्टिविटी की तैनाती शुरू कर देगी. नॉन-स्टैंडअलोन (NSA) कोर नेटवर्क, जो इस साल अगस्त में तैयार हो जाएगा, जिसके बाद इसका परीक्षण किया जाएगा जो इस साल दिसंबर में समाप्त होने की उम्मीद है.

4G कोर पर 5G लॉन्च
रिपोर्ट्स ने संकेत दिया था कि बीएसएनएल 4G कोर पर 5G लॉन्च कर रहा है, जिसके लिए कंपनी 5G Non-Standalone तकनीक का लाभ उठाएगी. NSA तकनीक 5G कनेक्टिविटी को लागू करने के लिए मौजूदा नेटवर्किंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करती है, जबकि स्टैंडअलोन (SA) इस उद्देश्य के लिए नवीनतम नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करती है.
वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दे कि देश में 5जी लॉन्च होने जा रहा है और वहीं पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 6जी लॉन्च करने की बात कही है.
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