इंडियन रेलवे समेत इन सरकारी विभाग में अनिवार्य होगा कैशलैस पेमेंट
डिजिटल इंडिया और कैशलैस इंडिया अभियान के तहत जल्द ही रेलवे, सरकारी परिवहन निगम और अन्य सरकारी सर्विस पूरी तरह से डिजिटल हो सकते हैं। बता दें कि बसों समेत अन्य सरकारी सर्विसेस के बदले डिजिटल पेमेंट किया जा सकेगा। फिलहाल इसे कब तक और कैसे अनिवार्य किया जाएगा सरकार इन तरीकों पर विचार कर रही है। ये जानकारी वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों द्वारा सामने आई है।

सामने आई जानकारी में कहा गया कि BHIM और भारत क्यूआर कोड जैसी पेमेंट सर्विसेस के साथ ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के ज्यादा इंटीग्रेशन की योजना भी बनाई जा रही है। ये काम इलेक्ट्रॉनिकी व आईटी मिनिस्ट्री को सौंपा गया है।
डिजिटल पेमेंट पर मिलेगा इंसेंटिव-
जानकारी में ये भी कहा गया कि सरकार डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को इंसेंटिव भी दे सकती है। इसके पीछे सरकार का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को डिजिटल पेमेंट के लिए प्रोत्साहित करना है।
टिकट काउंटर्स पर होगा डिजिटल पेमेंट-
रेल बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमने अपने सभी टिकट और रिजर्वेशन काउंटर्स को डिजिटल पेमेंट लेने लायक बनाने का निर्णय किया है। नई गाइडलाइंस के तहत भारत क्यूआर कोड देश में सभी 14 लाख काउंटर्स पर दिखेगा। हम अपने टिकट काउंटरों पर आधे ट्रांजैक्शन्स को डिजिटल मोड में लाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।" आपको बता दें कि भारतीय रेलवे 52000 करोड़ रुपये के टिकट हर वर्ष बेचती है। इसमें ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल की हिस्सेदारी 60 फीसद है।
रेल, पासपोर्ट ऑफिस, बस और मेट्रो टिकट के लिए भी होगा डिजिटल भुगतान-
माना जा रहा है कि जल्द ही रेल, पासपोर्ट ऑफिस, बस और मेट्रो टिकट काउंटर्स को भारत क्यूआर कोड के जरिए भुगतान लेने को कहा जा सकता है। यही नहीं, यूटीलिटी जैसे बिजली और पानी के बिल्स पर क्यूआर कोड प्रिंट भी किया जा सकता है।
2 अक्टूबर को हो सकती है घोषणा-
खबरों के मुताबिक, इस अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर यानि गांधी जयंती के दिन हो सकती है। अधिकारी ने बताया, "देश में कुल ट्रांजैक्शन्स का बहुत बड़ा हिस्सा सरकारी भुगतानों का होता है। अगर ये भुगतान डिजिटल तरीके से किए जाएं तो इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट्स की संख्या में बड़ा उछाल आएगा।"


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