पृथ्वी के चक्करों को पूरा करके चांद की तरफ बढ़ा चंद्रयान-2

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चंद्रयान-2 ने पृथ्वी की कक्षा के चक्करों को पूरा करके चंद्रमा की तरफ अपना रुख कर लिया है। अपने तय समयनुसार चंद्रयान-2 ने धरती के 6 चक्करों को पूरा करके चंद्रमा की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि चंद्रयान-2 को आज 13 अगस्त को पृथ्वी के सभी चक्करों को पूरा करके चंद्रमा की तरफ बढ़ना था और वो सफतापूर्वक बढ़ चुका है।

पृथ्वी के चक्करों को पूरा करके चांद की तरफ बढ़ा चंद्रयान-2

 

अब 13 अगस्त से 19 अगस्त तक चंद्रयान-2 चांद की तरफ जाने वाले लंबे ऑर्बिट की यात्रा करेगा। आपको बता दें कि चंद्रयान-2 6 सितंबर को चांद पर पहुंचेगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 22 जुलाई 2019 को अपने दूसरे मून मिशन चंद्रयान-2 को आंध्र-प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया था।

चंद्रयान-2 के आगे की यात्रा

चंद्रयान-2 ने यानि 22 जुलाई से लेकर 13 अगस्त तक पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाएगा। अब 13 अगस्त से 19 अगस्त तक चांद की तरफ जाने वाले लंबी ऑर्बिट में यात्रा करेगा। उसके बाद 19 अगस्त को चंद्रयान-2 चांद की कक्षा में पहुंच जाएगा। 19 अगस्त से 31 अगस्त यानि 13 दिनों तक चंद्रयान-2 चांद के चारों तरफ चक्कर लगाएगा।

यह भी पढ़ें:- चंद्रयान-2 चांद पर कब पहुंचेगा, क्या करेगा, कौनसा रिकॉर्ड बनाएगा, जानिए सभी जानकारी

1 सितंबर को चंद्रयान में मौजूद विक्रम लैंडर ऑर्बिटर से अलग होकर चांद के साउथ पोल की यात्रा करेगा। 6 सितंबर को 5 दिनों की यात्रा करने के बाद विक्रम लैंडर चांद के साउथ पोल पर लैंड करेगा। 6 सितंबर को लैंड करने के करीब 4 घंटे बाद विक्रम लैंडर से रोवर प्रज्ञान निकलकर चांद की सतह पर कदम रखेगा। उसके बाद रोवर प्रज्ञान चांद के साउथ पोल यानि दक्षिणी ध्रुव पर विभिन्न प्रयोग और खोज करेगा।

चंद्रयान-2 की स्पीड

चंद्रयान-2 को लॉन्च होने के बाद पृथ्वी से 181.65 किमी की उंचाई पर पहुंचने में 974.30 सेकेंड यानि करीब 16:23 मिनट लगा। चंद्रयान-2 पृथ्वी के चारों तरफ अंडाकार ऑर्बिट में चक्कर लगाएगा। इस चक्कर के दौरान चंद्रयान की पृथ्वी से न्यूतम दूरी (perigee) 169.7 km किमी और अधिकतम दूरी (apogee) 45,475 किमी होगी। चंद्रयान-2 की अंतरिक्ष में यात्रा करने की गति 10305.78 मीटर प्रति सेकेंड यानि 10.30578 किमी प्रति सेकेंड होगी।

 

चंद्रयान-2 के इस खोज का मकसद चांद के बारे में नई जानकारियों का पता लगाना है। चंद्रयान-2 का मकसद ऐसी खोज करना है, जिससे इंसानों का फायदा हो सके। चंद्रयान-2 के रिचर्स के आधार पर ही आगे होने वाले और करने वाले परीक्षणों में बदलाव किया जाएगा। चंद्रयान-2 की नई खोज भविष्य में भारत की अंतरिक्ष शक्ति को बढ़ाने में काम आएगी।

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English summary
Chandrayaan-2 has made its way towards the moon by completing the orbits of the Earth's orbit. According to its scheduled time, Chandrayaan-2 has started moving towards the moon after completing 6 rounds of the earth. Let us tell you that Chandrayaan-2 was supposed to complete all the rounds of the Earth on August 13 and move towards the moon and it has increased safely.
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