छत्तीसगढ़ के हर गांव में इंटरनेट

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छत्तीसगढ़ सरकार सभी ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी टेलीकॉम कवर के लिए नीति बनाने जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में फिलहाल कोरबा जिले के कटघोरा व बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामानुजगंज विकासखंड को चुना गया है। लगभग 86 गांवों में ब्रॉडबैंड की सुविधा जल्द ही शुरू की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ इन्फोटेक एवं बायोटेक प्रमोशन सोसाइटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरभ कुमार ने बताया कि प्रदेश के सभी गांवों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सबसे पहले कटघोरा व रामानुजगंज ब्लॉक के गांवों को इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है।

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छत्तीसगढ़ के हर गांव में इंटरनेट

सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया परियोजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत को वर्ष 2018 तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध कराई जानी है।

इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भारत ब्रॉडबैंड निगम लिमिटेड बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में भी सभी गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कटघोरा और रामानुजगंज विकासखंड के गांवों में पहले ब्रॉडबैंड

कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा 86 गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का काम पूरा कर लिया गया है। इसी तरह एलडब्ल्यूई एरिया (नक्सल प्रभावित क्षेत्र) में मोबाइल टावरों की स्थापना की जा रही है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने देशभर में करीब साढ़े तीन हजार मोबाइल टावर की स्थापना की स्वीकृति दी है। इनमें से कुछ मोबाइल टावर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी लगाए जाएंगे। इसकी भी समीक्षा की जाएगी।

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