चीन का Chang'e-5 चंद्रमा के लिए हुआ रवाना, चांद की करेगा खुदाई और बसाएगा बस्ती
चीन ने अपने अंतरिक्ष यान चांग ई-5 (Chang'e-5) को चंद्रमा के लिए रवाना कर दिया है। ये यान करीब 40 सालों के बाद चांद की सतह पर उतरेगा और वहां से नमूने एकत्र करके वापिस धरती पर आएगा। ये एक मानवरहित यान है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने दक्षिणी प्रांत हैनान स्थित वेनचांग अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण स्थल से यान 'चांग ए-5' (Chang'e-5) को चांद पर भेजा है।

चांद से आएंगे मिट्टी और चट्टान के नमूने
चांग ई-5 को लेकर चीन का पॉवरफुल अंतरिक्ष यान लांग मार्च-5 रॉकेट हेनान प्रांत से भारतीय समयानुसार मंगलवार को अल सुबह रवाना हुआ है। 40 साल के बाद ये अंतरिक्ष यान चांद को लेकर कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर लौटेगा। चीन के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। जैसे ही चीन का अंतरिक्ष यान चांद की कक्षा में पहुंचेगा तो सबसे पहले वहां अपना एक लैंडर उतारेगा।
ये लैंडर चांद की जमीन से खुदाई करके मिट्टी और चट्टान निकालने का काम करेगा। यहां से एकत्रित नमूना अब असेंडर के पास आएगा। ये असेंडर इस नमूने को लेकर चांद की ज़मीन से उड़ेगा और फिर अंतरिक्ष में अपने मेन यान से जुड़े जाएगा। इन नमूनों को एक कैप्सूल में रखा जाएगा और उसके बाद उसे धरती की ओर भेज दिया जाएगा। ये मिशन 23 दिन में पूरा होने का अनुमान है।
जानकारी हो कि करीब 40 साल बाद ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब कोई देश चंद्रमा के सतह की खुदाई करके मिट्टी और चट्टान धरती पर लाएगा। ये चीन का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
चांद पर बसेंगी बस्तियां!
अगर चीन अपने इस मिशन में कामयाब हो जाता है तो इसका मतलब ये होगा कि उसने चांद को गहराई से समझ लिया है। और इसका फायदा उसे चांद पर बस्तियां बसाने में मिलेगा। चीन के अंतरिक्ष यान को चांद तक पहुंचाने के लिए लांग मार्च-5 रॉकेट का इस्तेमाल किया गया है। यह रॉकेट तरल केरोसिन और तरल ऑक्सीजन की मदद से चलता है। बता दें कि चीन का ये रॉकेट 187 फुट लंबा है और इसका वज़न 870 टन है। 40 से अधिक वर्षों में चांद से नमूने एकत्र करने संबंधी दुनिया का पहला अभियान है।


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