5जी के बाद अब जल्द आने वाला है 6जी नेटवर्क, तैयारियों में जुटा चीन

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पूरी दुनिया में इस वक्त 5जी को लेकर चर्चा हो रही है, वहीं चीन एक कदम आगे बढ़कर 6जी को पेश करने की तैयारियों में जुटा हुआ है। 5जी के मामले में भी चीन ने बहुत तेजी से काम किया था। चीनी कंपनियां नई और तेज बैंडविथ को इंफ्रास्ट्रक्चर में भी इस्तेमाल कर रही है।

5जी के बाद अब जल्द आने वाला है 6जी नेटवर्क, तैयारियों में जुटा चीन

 

कुछ देशों में अभी तक 5जी पूरी तरीके से पहुंचा भी नहीं है कि चीन टेक्नोलॉजी में चार कदम आगे चल रहा है। जी हां, अमेरिका जैसे देश में 5जी नेटवर्किंग अभी भी ठीक से लागू नहीं हुई है। अमेरिका के अलावा भारत में इसकी सर्विस शुरू नहीं हुई है। NYPost की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सैटेलाइट Star Era-12 की फ्रिक्वेंसी बैंड इतनी हाई थी कि इसे टेस्ट करने के लिए स्पेस में जाना पड़ा।

6G कितना तेज होगा?

नेशनल साइंस फाउंडेशन के थ्यागारंजन नंदगोपाल ने बताया कि वातावरण के कारण उत्पन्न होने वाले सिग्नल डिसरप्शन को दूर करने के लिए इसे स्पेस में टेस्ट किया गया है। हालांकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि ये बैंड कितनी तेज है लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि इसकी रेंज 100 से 500Ghz तक की हो सकती है। यानि 5जी नेटवर्क से भी 100 गुना तेज़। ये स्केल भी वैसा ही है, जब दुनिया 4जी से 5जी की तरफ मूव कर रही थी।

5जी के बाद अब जल्द आने वाला है 6जी नेटवर्क, तैयारियों में जुटा चीन

6जी का इस्तेमाल-

चूकि 6जी की अभी कोई खास जानकारी मौजूद तो नहीं है कि लेकिन अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस तकनीक का लाभ टेलीमेडिसिन से नेशनल सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों को मिल सकता है। इसके अतिरिक्त नया नेटवर्क नई टेक्नोलॉजी को भी आमंत्रण देगा। साथ ही उन सर्विस को भी एक्सपैंड किया जा सकेगा जहां तेज़ नेटवर्क की ज़रुरत पड़ती है।

 

इसकी स्पीड का आकलन करते हुए अनुमान लगाया जा सकता है कि 6जी नेटवर्क की मदद से किसी एचडी मूवी को महज 8 सेकेंड में डाउनलोड किया जा सकेगा। वहीं एक मिनट से भी कम वक्त में 1500 हाई रेज्यूलेशन ईमेज को डाउनलोड किया जा सकता है। दूर किसी देश में बैठा एक सर्जन दूसरी जगह पर किसी मरीज का ऑपरेशन रोबोट की मदद से कर सकेगा।

इसके अलावा युद्ध के मैदान में घायल किसी सैनिक को रोबोट की मदद से बचाया जा सकेगा। हालांकि 6G टेक्नोलॉजी में चीन के आगे होने से विश्व एक बार फिर बंट सकता है। गौरतलब है कि 3G के वक्त ऐसा ही हुआ था, जब अमेरिका ने अलग स्टैंडर्ड को अपनाया था और अमेरिकी डिवाइस अन्य स्थान पर काम नहीं करते थे। यदि वापस ऐसा होता है तो विश्व चीन के आगे होने से पिछड़ जाएगा।

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English summary
china are in the anticipation of 6G wireless network, which promises to offer more than gigabit-class download and upload speeds. As of now, there is no possible information on the 6G technology. Considering any technology upgrade, 6G technology is likely to fix some of the issues found on the 5G technology and is likely to offer better rage, connectivity, and internet speeds.

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